सीवर के साथ लगा दिया पानी और बिजली का लाइन, नगर निगम ने ठेकेदार पर लगाया 10 लाख का भारी जुर्माना

बरेली नगर निगम को स्टेडियम रोड और कुष्ठ आश्रम रोड पर ऐसे मामले मिले जहां सीवर लाइन के इंस्पेक्शन चैंबर के भीतर से शुद्ध पेयजल की पाइपलाइन निकाली गई थी. कुछ स्थानों पर बिजली लाइन भी उसी दायरे में डाली गई थी.ऐसे में नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है.

बरेली नगर निगम Image Credit:

मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के तहत शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में सामने आई गंभीर लापरवाही पर बरेली नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है. मॉडल टाउन इलाके में सड़क निर्माण के दौरान सीवर लाइन के साथ जलापूर्ति और बिजली की लाइन बिछाने के मामले में कार्यदायी संस्था मेसर्स अनमोल एसोसिएट्स पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके साथ ही संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.

नगर निगम के अनुसार मॉडल टाउन क्षेत्र में कुष्ठ आश्रम रोड से गंगाशील अस्पताल तक, सेंट फ्रांसिस स्कूल के सामने से गुप्ता वॉच चौराहे तक और स्टेडियम रोड पेट्रोल पंप से डेलापीर पेट्रोल पंप तक सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का काम चल रहा है.इसी दौरान निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी सामने आई.

निरीक्षण में खुली लापरवाही की परतें

नगर निगम की टीम ने 13 जून को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया.जांच के दौरान स्टेडियम रोड और कुष्ठ आश्रम रोड पर ऐसे मामले मिले जहां सीवर लाइन के इंस्पेक्शन चैंबर के भीतर से शुद्ध पेयजल की पाइपलाइन निकाली गई थी.कुछ स्थानों पर बिजली लाइन भी उसी दायरे में डाली गई थी.

अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर माना. उनका कहना है कि सीवर और पेयजल व्यवस्था को एक साथ जोड़ने जैसी स्थिति लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकती है.यदि भविष्य में किसी तरह का रिसाव या तकनीकी खराबी होती है तो दूषित पानी की आशंका बढ़ सकती है और बिजली संबंधी हादसा भी हो सकता है.

नगर निगम ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि संबंधित संस्था को पहले भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से निर्देश दिए जा चुके थे कि जलापूर्ति और विद्युत लाइन को किसी अन्य यूटिलिटी चैंबर या सीवर नेटवर्क के संपर्क में न रखा जाए, लेकिन इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया.

फेज-एक के कामों पर भी उठे सवाल

जांच के दौरान केवल पाइपलाइन का मामला ही नहीं, बल्कि कई अन्य कमियां भी सामने आईं.बताया गया कि कई जगह खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक तरीके से नहीं भरा गया.डिप खुले छोड़ दिए गए और कई स्थानों पर स्लैब तक नहीं लगाए गए.सुरक्षा संकेतक भी नहीं लगाए गए, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरे की स्थिति बनी रही.

इस आधार पर लिया जाएगा आगे का निर्णय

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि संबंधित एजेंसी को पहले भी सुधार के निर्देश दिए गए थे लेकिन अपेक्षित बदलाव नहीं किए गए.अब जुर्माने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.सहायक अभियंता मुकेश शाक्य ने बताया कि संस्था को तय समय में अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा. जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.

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