बिजनौर: IVF से जन्मी बच्ची को बताया ‘हराम’, जान से मारने की भी धमकी; 6 लोगों पर FIR

बिजनौर में IVF तकनीक से जन्मी बच्ची को ससुराल वालों ने 'गैर-इस्लामिक' बता दिया. बच्ची को जान से मारने की धमकी और मां को प्रताड़ित किया. पीड़ित महिला ने अपने जेठ, जेठानी और पति समेत छह लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने SP के आदेश पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

IVF बच्चे को 'गैर-इस्लामिक' बताने पर केस Image Credit:

बिजनौर के थाना नांगल क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां जायदाद के बंटवारे के डर से ससुराल वालों ने एक नवजात बच्ची की जान को खतरे में डाल दिया. पीड़ित महिला ने अपने जेठ, जेठानी और पति समेत छह लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने एसपी अभिषेक झा के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दरअसल, ग्राम दहीरपुर निवासी फुरकान का निकाह करीब 12 साल पहले गुलशन के साथ हुआ था. शादी के 2-3 साल बच्चा नहीं होने पर ससुराल वाले कम दहेज का ताना देकर गुलशन के साथ मारपीट करते थे. पिछले साल गुलशन ने एक अस्पताल में आईवीएफ (IVF) तकनीक का सहारा लिया और गर्भधारण किया. वहीं, अब बच्ची को हराम बताया जा रहा है.

‘IVF तकनीक इस्लाम और शरीयत के खिलाफ’

गुलशन का आरोप है कि जब इसकी भनक उसके जेठ इमरान, जेठानी शमीमा और जेठानी के पिता शमीम को लगी, तो वे बौखला गए. उन्हें डर था कि बच्चा होने पर जायदाद का बंटवारा हो जाएगा. संपत्ति हड़पने की नीयत से आरोपियों ने समाज में यह झूठा प्रचार करना शुरू कर दिया कि ‘आईवीएफ तकनीक इस्लाम और शरीयत के खिलाफ है’.

गुलशन पर गर्भ में पल रहे बच्चे को खत्म करने का दबाव बनाया. बीती 4 अप्रैल को उसके जेठ, जेठानी, ससुर, पति और जेठानी के पिता उसके मायके ग्राम दौलताबाद पहुंचे. वहां आरोपियों ने गुलशन के साथ बेरहमी से मारपीट की और धमकी दी कि वे इस बच्चे को दुनिया में नहीं आने देंगे. मायके वालों के विरोध के बाद आरोपी वहां से भाग निकले.

पति, जेठ-जेठानी और ससुर समेत 6 पर FIR दर्ज

इसके बाद 20 अप्रैल को गुलशन ने एक बच्ची को जन्म दिया. अब आरोपी उस मासूम बच्ची को भी जान से मारने की धमकियां दे रहे है. बिजनौर के एसएसपी अभिषेक झा के आदेश पर पुलिस हरकत में आई और पुलिस ने पति फुरकान, जेठ इमरान, जेठानी शमीमा, ससुर इस्माइल, हनीशा और जिठानी के पिता शमीम के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है.

नागंल के थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि पीडिता ने कोर्ट में ब्यान भी दिया है जिसमें कहा है कि उसके IVF इलाज से बच्ची हुई है जिसे ससुराल वाले इस्लामिक शरीयत के खिलाफ बता कर उसका उत्पीड़न कर रहे है. मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ताकि पीडिता को इंसाफ मिल सके.

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