बीजेपी की महिला पार्षद ने सबके सामने कराया मुंडन, जानिए क्या है वजह
फिरोजाबाद में बीजेपी पार्षद ने नगर निगम परिसर के अंदर ही सबके सामने अपना मुंडन करा लिया. उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वार्ड में लंबे समय से मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं. लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस विकास कार्य नहीं कराया जा रहा. ऐसे में आहत होकर उन्होंने ऐसा कदम उठाया.
फिरोजाबाद नगर निगम मंगलवार यानी 19 मई को उस समय अचानक सुर्खियों में आ गया, जब वार्ड नंबर 6 की BJP पार्षद ऊषा शंखवार ने निगम परिसर में ही अपना मुंडन कराकर विरोध प्रदर्शन किया. पार्षद के इस अनोखे कदम को देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग भी हैरान रह गए. देखते ही देखते यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया.
विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप
BJP पार्षद ऊषा शंखवार का आरोप है कि उनके वार्ड में लंबे समय से मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं. लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस विकास कार्य नहीं कराया जा रहा. उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता लगातार सड़क, नाली, सफाई और अन्य समस्याओं को लेकर सवाल पूछती है, जबकि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा.
महापौर कामिनी राठौर के पति पर लगाया गंभीर आरोप
पार्षद ने कहा कि कई बार अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन से वार्ता की गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला. इसी से आहत होकर उन्होंने विरोध का यह तरीका अपनाया.विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद ने फिरोजाबाद की महापौर कामिनी राठौर के पति सुरेंद्र राठौर पर भी गंभीर आरोप लगाए.
महापौर पति पर लगाए हस्तक्षेप के आरोप!
सुरेंद्र राठौर पर आरोप लगाते हुए ऊषा शंखवार ने कहा कि वार्ड में विकास कार्य न होने देने में हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.उनके आरोपों के बाद नगर निगम की राजनीति भी गरमा गई है और मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है.
नगर आयुक्त ने दी सफाई
वहीं, नगर आयुक्त प्रशांत नगर ने पार्षद के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाल ही में पार्षद से बातचीत हुई थी. उनके कहने पर वार्ड में कई विकास कार्य कराए भी गए हैं. उन्होंने दावा किया कि बाकी बचे कार्यों को भी जल्द ही हमारी तरफ से पूरा करा दिया जाएगा.
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की है कमी?
नगर निगम परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद शहरभर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. कुछ लोग इसे जनता की आवाज उठाने वाला साहसिक कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी मान रहे हैं. फिलहाल, पार्षद के मुंडन विरोध ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.