बाबरवादी सोच, फिर मुंह की खानी पड़ेगी…. अखिलेश के राम मंदिर चंदा आरोपों पर बोले ब्रजेश पाठक
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम गायब होने के आरोपों पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने हमला बोला है. उन्होंने अखिलेश की सोच को 'बाबरवादी' बताया. साथ ही कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण और भूमि पूजन पर भी अखिलेश के कोई शब्द नहीं निकले, और अब अफवाह फैला रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या श्रीराम जन्मभूमी मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे की रकम गायब होने का आरोप लगाया. साथ ही मामले को वैश्विक सनातनी समाज की आस्था से जोड़ दिया. वहीं, सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को अखिलेश यादव की कड़ी आलोचना की और उनकी इस सोच को बाबरवादी करार दिया है.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव की सोच बाबरवादी है. श्रीराम मंदिर निर्माण से पूर्व भूमि पूजन पर भी अखिलेश के कोई शब्द नहीं निकले. जब अयोध्याधाम में भव्य वास्तुकला मूर्त रूप ले रही थी, तब भी सपा मुखिया शांत रहे. और अब श्रीराम मंदिर को लेकर अफवाह फैला कर झूठ गढ़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं.
‘आने वाले दिनों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा’
ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव माता शबरी और भगवान जटायू की चर्चा कभी नहीं करेंगे. भारत दुनिया में सनातन संस्कृति में वाहक राष्ट्र है. सपा मुखिया महर्षि वाल्मीकि के महाकाव्य को भी भूल गए हैं. उन्होंने चेताते हुए कहा कि सपा मुखिया अपनी सोच को सनातन संस्कृति के विरुद्ध न करें, आने वाले दिनों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
डिप्टी सीएम यही नहीं रुके, उन्होंने यहां तक कह दिया कि बाबरवादी सोच के कारण साल 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी को फिर से मुंह की खानी पड़ेगी. ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव के झूठ का नेरेटिव कभी सफलता तक नहीं पहुंचेगा. उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी की कारगुजारियों को अच्छी तरह से समझ चुकी है.
मंदिर ट्रस्ट के लिए यह अत्यंत शर्मनाक स्थिति- अखिलेश
दरअसल, अखिलेश यादव ने रां मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे की रकम गायब होने का आरोप लगाया था. साथ ही कहा कि करोड़ों रुपये गायब होना मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है. इस मामले की सीधी जुड़ाव समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से है और सरकार की चुप्पी संदिग्ध है. उन्होंने इस मामले में कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की.
वहीं, मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित करारा दिया. मंदिर ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि ट्रस्ट में ऐसी गलती होगी ही नहीं. मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक कर्मचारियों की मौजूदगी में ट्रस्ट के लोगों के साथ होती है. पूरा काम सीसीटीवी निगरानी में होता है. राम जी सब देख रहे हैं, राजनीति करने वाले कुछ भी कह सकते हैं.