‘समाज को बांटने वाला कानून…’, UGC बिल के विरोध में उतरे बृजभूषण शरण सिंह; बोले- जरूरत पड़ेगी तो आंदोलन होगा
पूर्व सांसद और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने UGC 2026 के नए बिल का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने इसे समाज को बांटने वाला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की. उनका कहना है कि यह कानून समाज में अनावश्यक जातीय टकराव पैदा करेगा और बच्चों के बीच भेदभाव को बढ़ावा देगा.
कासगंज से पूर्व सांसद और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को UGC 2026 के नए बिल का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने इसे सनातन परंपरा के खिलाफ बताया है. साथ ही सरकार से विभाजनकारी बिल को तुरंत वापस लेने की अपील की. बृजभूषण सिंह का कहना है कि यह कानून समाज में अनावश्यक जातीय टकराव पैदा करेगा.
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह कानून बच्चों के बीच भेदभाव को बढ़ावा देगा. जबकि गांवों में बच्चे बिना किसी भेदभाव के एक साथ खेलते हैं. उन्होंने इसके साथ ही कहा, ‘मैं सरकार से कहना चाह रहा हूं कि समाज कैसे चलता है? ऑफिस में बैठकर के समाज को नहीं चलाया जा सकता है, समाज को चलाना है तो गांव आइये गांव में देखिए.’
बीजेपी नेता ने कहा कि गांव में सभी जातियों के बच्चे बिना भेदभाव के एक साथ खेलते हैं. कोई बच्चा किसी की जाति नहीं पूछता. क्या आप चाहते हैं कि भविष्य में अगर OBC को इस घर में एंट्री मिले तो उन्हें न मिले? दलितों को इस घर में एंट्री मिले? अगर आप ऐसा माहौल बना रहे हैं तो मैं आपसे हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करता हूं कि आप यह कानून वापस ले लें.
उन्होंने कहा कि, ‘मैं अपील करना चाहता हूं इस कानून को वापस लीजिए. हर तरीके से हर समाज की भागीदारी होती है. हर गांव में कोई क्रिकेट खेल रहा है, कोई कबड्डी खेल रहा है. आपने महिलाओं को लेकर कानून बनाया क्या वो रुक गया, दहेज के नाम पर कानून बनाए आप क्या वो रुक गया . ये कानून रुका नहीं बल्कि इसका अब दुरुपयोग ज्यादा होता है.’
इतना ही नहीं, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ऐसे कानून की समीक्षा की बात होनी चाहिए, पता नहीं किस मनसा से अधिकारी बैठकर आपस में निर्णय ले लेते हैं. वह चाहते हैं कि यह बच्चे दोस्ती करें तो जाति देखकर करें, वर्ग देखकर के करें. मैं इस कानून का विरोध करता हूं अगर जरूरत पड़ेगी तो आंदोलन होगा.’
उन्होंने कहा कि आंदोलन में केवल क्षत्रिय नहीं, सनातन धर्म के मानने वाले लोग होंगे, दलित और पिछड़े भी होंगे. ऐसे कानून की जरूरत नहीं है जो कानून हमको बांटता है. इसलिए हाथ जोड़कर के विनती है, मैं छोटा आदमी हूं इसका असर आप पर पड़े ना पड़े, लेकिन गांव ऐसे नहीं चलता है. लोकतंत्र को जिंदा रहना है तो गांव में क्या हो रहा है इसको देखना पड़ेगा.’
बीजेपी नेता ने कहा, ‘आप ऑफिस में बैठकर गांव को नहीं देख सकते. यह कानून समाज को फाड़-फाड़ कर देगा, आने वाले समय में देश का नुकसान होगा, राष्ट्र का नुकसान होगा और समाज बंट जाएगा. इस कानून में संतुलन नहीं है, एक पक्ष को अपराधी बनाकर खड़ा कर दिया है और वकील का भी मौका नहीं दिया. इस कानून का हम घोर विरोध करते हैं.
