बदायूं में शराब ठेका विवाद गहराया, तोड़फोड़ के आरोप में 5 नामजद महिलाएं समेत 30-40 पर मुकदमा
बदायूं के हरनाथपुर गांव में शराब ठेके को लेकर विवाद बढ़ गया है. महिलाएं ठेका हटाने की मांग कर रही हैं. दूसरी ओर ठेका सेल्समैन की तहरीर पर 5 नामजद सहित 30-40 महिलाओं पर तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज हुआ है. वहीं, अब महिलाएं आंदोलन जारी रखने पर अड़ी हैं.
बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र के हरनाथपुर गांव में देशी शराब के ठेके को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. गांव की महिलाओं ने ठेका हटाने और ठेका संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर SSP को सामूहिक शिकायती पत्र सौंपा है. वहीं दूसरी ओर ठेके के सेल्समैन की तहरीर पर 5 नाजद महिलाओं समेत 30-40 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है.
महिलाओं का आरोप है कि गांव के बीच संचालित शराब के ठेके पर दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और महिलाओं के साथ अभद्रता की घटनाएं होती हैं. उनका कहना है कि निर्धारित समय के बाद भी शराब की बिक्री की जाती है, जिससे गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है. महिलाएं आंदोलन जारी रखने पर अड़ी हैं.
ठेके में तोड़फोड़ का झूठा आरोप लगाया गया
महिलाओं के अनुसार, 23 जून को जब वे ठेके का विरोध करने पहुंचीं तो ठेका संचालक और सेल्समैन ने उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और छेड़छाड़ की. उनका यह भी कहना है कि ठेके में तोड़फोड़ का झूठा आरोप लगाया गया है. वे पहले भी कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.
उधर ठेके के सेल्समैन धीरेश पुत्र रुकम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने संगीता पत्नी रामसिंह, नेत्रपाल की पत्नी, नेत्रपाल के पुत्र, हरपाल की पत्नी, गंगा सिंह की पत्नी समेत 30 से 40 लोगों के खिलाफ दुकान में तोड़फोड़ और शराब नष्ट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है.
दोबारा ठेका शुरू होने पर भड़कीं महिलाएं
बुधवार को आबकारी विभाग की ओर से दूसरे सेल्समैन को बैठाकर दोबारा शराब बिक्री शुरू कराए जाने की सूचना मिलते ही महिलाओं का आक्रोश फिर भड़क उठा. एसएसपी को ज्ञापन सौंपने के बाद महिलाएं सीधे शराब के ठेके पर पहुंच गईं और धरने पर बैठ गईं. इस दौरान दुकान पर मौजूद सेल्समैन ठेका बंद कर मौके से चला गया.
वहीं, महिलाओं ने ठेके के बाहर धरना शुरू कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जब तक ठेका गांव से बाहर नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
वहीं गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट है. शराब के ठेके के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है.