राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT रिपोर्ट पर 48 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं, बड़े नामों पर फैसला अटका
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT रिपोर्ट सौंपे 48 घंटे बीत गए, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. बड़े नामों पर फैसला अटका है, संभवतः पीएमओ निर्देशों का इंतजार है. रिपोर्ट में गणनाकर्मियों पर कार्रवाई लगभग तय, पर प्रभावशाली नामों पर चुप्पी है, जिससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं,
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सूत्रों का दावा है कि शासन स्तर पर रिपोर्ट के निष्कर्षों और संभावित कार्रवाई को लेकर मंथन जारी है.
छह दिनों तक अयोध्या में पड़ताल करने के बाद SIT शनिवार को लौटा था. इसके बाद तैयार की गई प्रारंभिक रिपोर्ट मंगलवार को अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंप दी गई. सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में ट्रस्ट के पुनर्गठन, अनियमितताओं में शामिल लोगों पर FIR और सुरक्षा सुधार के सुझाव हैं. हालांकि, इसमें दर्ज बड़े नामों पर सस्पेंस बरकरार है.
कौन नपेगा, कौन बचेगा… इसी पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक SIT ने अपनी रिपोर्ट में किसी को भी पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी है. रिपोर्ट में आपराधिक संलिप्तता के साथ-साथ लापरवाही और संभावित मिलीभगत के पहलुओं का भी उल्लेख है. ऐसे में शासन स्तर पर यह तय करने को लेकर विचार-विमर्श जारी है कि किन लोगों पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाए और किनकी जवाबदेही किस स्तर पर तय की जाए.
रिपोर्ट सौंपे जाने के दो दिन बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है. बताया जा रहा है कि गणनाकर्मियों और मामले में चर्चित टिन्नू यादव के खिलाफ एफआईआर लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन बड़े और प्रभावशाली नामों पर कार्रवाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. संभवतः PMO के निर्देशों का इंतजार है.
पूरे प्रकरण में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
पूरे प्रकरण में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर भी इन्हीं नामों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी भी जांच एजेंसी या शासन की ओर से इनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की गई है.
वहीं, मंगलवार को अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम में मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने सामान्य रूप से भाग लिया. इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी शामिल हुए. इससे यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या जांच का दायरा शीर्ष स्तर तक पहुंचेगा या नहीं?
विस्तृत जांच अभी जारी, फिर अयोध्या जाएगी SIT
एसआईटी की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन विस्तृत जांच अभी जारी है. सूत्रों के अनुसार आज एसआईटी की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. इसके बाद शुक्रवार को जांच दल के सदस्य दोबारा अयोध्या जाकर अतिरिक्त साक्ष्य जुटा सकते हैं.
जानकारी के मुताबिक अगले 3 सप्ताह के भीतर एसआईटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रिपोर्ट में जिन गंभीर अनियमितताओं और जिम्मेदारियों की ओर संकेत किया गया है, उन पर शासन कब और कितनी कठोर कार्रवाई करता है.