‘दोबारा जांच से भी क्या होगा जब…’, CBSE मामले पर अखिलेश बोले- अब कहां है वो ‘खुफियाजीवी’ लोग
सीबीएसई कक्षा 12 मूल्यांकन में धांधली के आरोपों के बीच अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर 'करप्ट सिस्टम' का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुनर्मूल्यांकन से भी कुछ नहीं होगा, सिस्टम तो वही है. वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली की आलोचना के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा की.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम में गड़बड़ियों का मुद्दा तूल पकड़े हुए है. विपक्ष इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की आलोचना कर रहा है. CBSE कक्षा 12 मूल्यांकन में धांधली के आरोपों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को बीजेपी सरकार पर ‘करप्ट सिस्टम’ का आरोप लगाया.
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि, ‘CBSE के मामले में लाखों स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी समस्या ये है कि कॉपियों को फिर से जांचने की मांग करके भी क्या हासिल होगा. क्योंकि घपला करनेवाला बीजेपी का करप्ट सिस्टम तो वही है. न कोई ज़िम्मेदारी लो रहा है, न कोई इस्तीफ़ा दे रहा है.’
‘देश के वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य से भी दगा’
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि, ‘बीजेपी के जिन संगी-साथियों ने सत्ता के आपसी बंटवारे के समय शिक्षा से जुड़े हर मामले का एकाधिकार ले लिया हो, वो भी इस घपले के बाहर आने पर अपने स्वभाव के अनुसार अंडरग्राउंड हो गये हैं. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करनेवाले केवल देश के वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य से भी दगा कर रहे हैं.’
उन्होंने सवाल करते कहा कि, ‘अब कहां है वो ‘ख़ुफ़ियाजीवी’ लोग जो नैतिकता का पट्टा गले में डालकर विभाजन की सियासत करते हैं.’ वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को सीबीएसई मुख्यालय में 12वीं कक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा परिणाम के बाद की प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की.
कई छात्रों ने अंक देने में गड़बड़ी का लगाया आरोप
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अपनी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर तीखी आलोचना का सामना कर रहा है. द्वारका स्थित बोर्ड मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह, IIT, मद्रास और कानपुर के निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
इस बैठक में मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा परिणाम के बाद की प्रक्रियाओं की प्रगति पर चर्चा और समीक्षा की गई. ओएसएम प्रणाली को लेकर विवाद तब बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कई छात्रों ने अंक देने में गड़बड़ी का आरोप लगाया और कहा कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं.
