गाजियाबाद में सिर्फ 14 लाख रुपये में मिल रहा प्लॉट, 4 जून तक आवेदन का है मौका
गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम आवासीय भूखंड योजना में प्लॉट लेने के आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 4 जून कर दी गई है. योजना में 40 से लेकर 200 वर्ग मीटर तक के भूखंड शामिल हैं.सबसे सस्ता प्लॉट 40 वर्ग मीटर का है. इसकी कीमत 14 लाख रुपये रखी गई है.वहीं, सबसे महंगा प्लॉट 200 वर्ग मीटर का है, जिसका रेट 70 लाख रुपये है.
गाजियाबाद में मधुबन बापूधाम आवासीय भूखंड योजना में 350 आवासीय भूखंडों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है. अब तक इन भूखंडों के लिए कुल 19 हजार से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं. यानी एक प्लॉट पर औसतन 57 लोगों की दावेदारी. योजना में 40 से लेकर 200 वर्ग मीटर तक के भूखंड शामिल हैं. प्रति वर्गमीटर का रेट 35 हजार रुपये रखा गया है.
14 लाख रुपये है प्लॉट की शुरुआती कीमत
सबसे सस्ता प्लॉट 40 वर्ग मीटर का है. इसकी कीमत 14 लाख रुपये रखी गई है.वहीं, सबसे महंगा प्लॉट 200 वर्ग मीटर का है, जिसका रेट 70 लाख रुपये है. भूखंडों के आवेदन लकी ड्रॉ के माध्यम से किए जाएंगे. फिलहाल, इस प्रक्रिया की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है. इसकी अखबारों और GDA वेबसाइट पर दी जाएगी. प्लॉट आवंटित होने के बाद खरीदार 8 आसान तिमाही किस्तों में इसकी कीमत का भुगतान कर सकते हैं. एकमुश्त भुगतान करने वालों विशेष छूट का लाभ दिया जाएगा.
04 जून तक होगा आवेदन
मधुबन बापूधाम आवासीय भूखंड योजना के लिए आवेदन 11 मई से शुरू हो चुके हैं. आवेदन की अंतिम तारीख 25 मई 2026 तय की गई थी. लेकिन अब इसे बढ़ाकर 04 जून तक कर दिया गया है. इच्छुक लोग GDA की वेबसाइट (https://www.gdaghaziabad.in) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन शूल्क 1100 रुपये रखा गया है. साथ ही इस दौरान जनरल श्रेणी के आवेदकों को प्लॉट कीमत का 10 प्रतिशत और एससी-एसटी श्रेणी के लोगों को 5 प्रतिशत राशि जमा करनी पड़ेगी.
यहां रहने वालों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
जीडीए के अधिकारियों के मुताबिक तकरीबन 19 हजार आवेदन हो चुके है. अंतिम तिथि तक आवेदन संख्या 22 हजार से 25 हजार के बीच पहुंच सकती है. मधुबन बापूधाम का इलाका दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9 और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़ा हुआ है. यहां से कहीं भी जाने के लिए कनेक्टिविटी बेहतर है. इसके अलावा एक्सप्रेस वे के नजदीक होने के चलते यह इलाके आने वाले समय में बेहद तेजी से विकसित होगा.
