‘मैं अपने मन का राजा हूं, जिसे मन किया मार दिया’, 24 घंटे के अंदर तीन लोगों को कनपटी पर गोली मारने वाला साइको किलर एनकाउंटर में ढेर
चंदौली में 24 घंटे के अंदर तीन हत्याएं करने वाले साइको किलर गुरप्रीत सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है. गुरप्रीत अमृतसर का रहने वाला था. 2021 में सेना से रिटायर हुआ था. वह बिहार में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के लिए गया था, लेकिन शराब की लत के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था.इसके बाद से ही वह अपने गुस्से को शांत करने के लिए वह राह चलते अजनबियों को मार रहा था.
चंंदौली में कनपटी पर गन सटाकर तीन लोगों को की हत्याएं करने वाले साइको किलर गुरप्रीत सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. पिछले कुछ दिनों में गुरप्रीत ने चंदौली और वाराणसी समेत आसपास के जिलों में जो आतंक मचाया उसकी पूरी कहानी किसी रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर फिल्म जैसी है. यह सनकी बिना किसी रंजिश के लोगों पर गोलियां दागता फिर रहा था. तीसरी हत्या करने के बाद अब भीड़ ने पकड़कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया.
पुलिस ने उससे जब पूछताछ की तो उसने ट्रेन में हुई दो अन्य हत्याओं की भी बात कबूल ली. तीनों वारदातें मात्र 10-11 किलोमीटर के दायरे में हुईं. हर बार उसने पीड़ितों की कनपटी पर पिस्तौल सटाकर गोली मारी. पुलिस ने जब उससे हत्या करने की वजह पूछी तो गुरप्रीत ने कहा , “मैं अपने मन का राजा हूं. शराब पीने के बाद मैं होश में नहीं रहता. जो मन में आता है करता हूं. एक नहीं, दो-तीन को मारकर आया हूं.”
साल 2021 में सेना से रिटायर हुआ था गुरप्रीत
सीओ अरुण सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह अमृतसर का रहने वाला था. 2021 में सेना से रिटायर हुआ था. वह बिहार में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के लिए गया था, लेकिन शराब की लत के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. इसके बाद से वह बेहद गुस्से मे था. अपने अंदर इसी गुस्से को शांत करने के लिए वह राह चलते अजनबियों को मार रहा था. फिलहाल, किसी भी पीड़ित से उसकी व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी.
डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में की पहली हत्या
गरप्रीत ने सबसे पहले हत्या रविवार सुबह 7 बजे गाजीपुर के पास डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर के मंगरू मौत के घात उतारा. मंगरू कर्नाटक से काम छोड़कर घर लौट रहा था. कुचमन स्टेशन के पास गुरप्रीत और मंगरू के बीच किसी बात पर मामूली कहासुनी हुई. गुस्से में पागल गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी. फिर मंगरू के शव के चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया और ट्रेन धीमा होते ही कूदकर भाग गया.
फिर जम्मू-तवी एक्सप्रेस में की दूसरी हत्या
गुरप्रीत ने दूसरी हत्या जम्मू-तवी एक्सप्रेस में की. इसके लिए वह कुचमन स्टेशन के पास से करीब 9 किमी पैदल चलकर व्यासनगर गांव पहुंचा. फिर यहां वह कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस में सवार हुआ. रात करीब जब 12 बजे ट्रेन मुगलसराय के पास ब्लॉक हट-बी पर धीमी हुई तो उसने बिहार के दिनेश साहू को ट्रेन के बाथरूम के पास कनपटी पर बंदूक सटाकर गोली मार दी. इसके बाद ट्रेन से कूदकर फरार हो गया. बता दें दिनेश साहू अपनी पत्नी और परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे.
तीसरा कत्ल जीवक अस्पताल के अंदर किया
गुरप्रीत ने तीसरी हत्या सुबह सोमवार सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर की. वह चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित जीवक अस्पताल पहुंचा. यहां वहां भभुआ (बिहार) की 55 वर्षीय लक्ष्मीना देवी भर्ती थीं. गुरप्रीत सीधे उनके बेड के पास पहुंचा और सोते समय उनकी कनपटी पर पिस्टल रखकर गोली चला दी. गोली सुनते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया. हत्या के गुरप्रीत फायरिंग करते हुए भागने लगा. लेकिन बाहर मौजूद एक ऑटो चालक विनोद दुबे ने उसे पकड़ लिया और उसका हाथ मरोड़कर पिस्टल नीचे गिरा दी. इसके बाद अस्पताल के स्टाफ और स्थानीय भीड़ ने उसे अपने काबू में कर लिया.
सीन रिक्रिएशन के दौरान मारा गया सनकी गुरप्रीत
गुरप्रीत से पूछताछ के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन के लिए ले गई. इसी दौरान गुरप्रीत ने अचानक पुलिस पर हमला कर दिया और भागने की कोशिश की.जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई.मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं.गुरप्रीत के कब्जे से दो पिस्तौल बरामद हुई हैं.एक लाइसेंसी और दूसरी अवैध.उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जा रही है.