‘खामेनेई की तरह शहादत मंजूर, पर समझौता नहीं’, बाराबंकी रैली में गरजे सांसद चंद्रशेखर आजाद
बाराबंकी में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 2027 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया. उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई की तरह शहादत मंजूर, पर समझौते नहीं. आजाद ने बाराबंकी सदर सीट पर दावेदारी ठोकी और अन्य दलों पर महापुरुषों का नाम भुनाने का आरोप लगाया.
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने रविवार को बाराबंकी में कांशी राम की जयंती और पार्टी के छठे स्थापना दिवस के अवसर पर एक बड़े सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी दलों को ललकारा. साथ ही 2027 में बीजेपी की सरकार को यूपी से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया.
हैदरगढ़ रोड स्थित बडेल मैदान में चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी के ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए अपने इरादे साफ कर दिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह ईरान के लीडर अयातुल्ला खामेनेई का रिश्ता इस मिट्टी बाराबंकी से रहा और उन्होंने डरने या समझौता करने के बजाय शहादत के रास्ते को चुना उसी तरह वे भी जुल्म के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं.
सपा के गढ़ कहे जाने वाले सीट पर ठोकी दावेदारी
नगीना सीट से निर्दलीय सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भारी भीड़ से लबालब मैदान में एकजुट होने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग डरे नहीं हमारे साथ आए, हम 2027 में बीजेपी की सरकार को उत्तर प्रदेश से उखाड़ फेंकेंगे. वहीं, मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद ने समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले सीट पर अपनी दावेदारी ठोक दी.
उन्होंने बाराबंकी की सदर विधानसभा सीट पर दो टूक कहा कि जब तक हम मैदान में नहीं थे तब तक लोग कहीं भी वोट दे रहे थे. लेकिन अब आजाद समाज पार्टी मजबूती से काम कर रही है. उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र नगीना का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां की पांचों विधानसभाओं में भाजपा को धूल चटाई गई, वही इतिहास अब पूरे यूपी में दोहराएगा.
अंबेडकर-कांशीराम को पार्टियों के अपना बताने पर तंज
भीम आर्मी प्रमुख ने डॉ. अंबेडकर और कांशीराम साहब को सभी पार्टियों द्वारा अपना बताने के सवाल पर भी तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति या दल के नहीं होते. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि साल 2006 से 2026 तक आखिर इन पार्टियों को महापुरुषों की याद क्यों नहीं आई. उन्होंने दावा किया कि जब से ‘आजाद समाज पार्टी’ ने मोर्चा संभाला है तभी से अन्य दलों में कांशीराम साहब को अपना बताने की होड़ लगी है.