‘पहले आंखें बंद करिए…’ 4 साल की यशस्विनी ने CM योगी को गिफ्ट में दिया बुलडोजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में 4 वर्षीय यशस्विनी के अनूठे उपहार से भावुक हो उठे. गोरखनाथ मंदिर भ्रमण के दौरान बच्ची ने उन्हें आंखें बंद करने को कहा और फिर उनके हाथों में खिलौना बुलडोजर रख दिया. सीएम योगी इस सरप्राइज गिफ्ट पाकर खूब हंसे और बच्ची को आशीर्वाद दिया. यशस्विनी ने बताया कि उन्हें बुलडोजर पसंद है, इसलिए यह तोहफा दिया.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर में थे. सुबह वह गोरखनाथ मंदिर में भ्रमण कर रहे थे. इसी दौरान उनकी नजर कानपुर से मंदिर में आई एक चार साल की बच्ची पर पड़ी. उन्होंने बच्ची को खूब दुलार किया. इसी दौरान बच्ची ने सहज भाव से सीएम योगी को आंख बंद करने के लिए कहा. और जैसे ही उन्होंने आंख बंद किया, बच्ची ने उनके हाथ पर खिलौना बुलडोजर रख दिया. यह देखते ही सीएम योगी खूब हंसे. उन्होंने इस बच्ची को आर्शीवाद देते हुए खूब पढ़ाई करने के लिए कहा.
आम तौर पर छोटे बच्चों को टॉफी-चॉकलेट बांट कर खुश कर देने वाले सीएम योगी इस चार साल की बच्ची यशस्विनी के गिफ्ट से खुश हो गए. सीएम योगी ने यशस्विनी को बुलाया तो उसने आते ही सीएम को नमस्ते किया. फिर कहा कि हम आपके लिए गिफ्ट लाएं हैं. सीएम योगी ने कहा कि दो तो बच्ची ने कहा कि पहले आंखें बंद करिए. इसके बाद सीएम ने आंखें बंद कर ली. इसके बाद यशस्विनी ने एक छोटा सा बुलडोजर (खिलौना) मुख्यमंत्री के हाथों पर रख दिया. इस सरप्राइज गिफ्ट को देख सीएम खूब जोर से हंस पड़े.
गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करने आई थी बच्ची
यह बच्ची अपने माता-पिता के साथ गोरखनाथ मंदिर में शुक्रवार की सुबह दर्शन पूजन के लिए आई थी. यहां बच्ची की मुलाकात अचानक सीएम योगी से हो गई. इसके बाद इस बच्ची ने करीब 10 मिनट तक सीएम के साथ बाल मनुहार की. वहीं सीएम योगी ने अपने स्वभाव के अनुसार बच्ची को खूब दुलार किया. उन्होंने बच्ची को उसकी पसंद का चॉकलेट देते हुए आर्शीवाद दिया.
क्या हुई सीएम की बच्ची से बातचीत?
इस दौरान सीएम योगी की इस बच्ची से खूब बातचीत भी हुई. मासूम बच्ची यशस्विनी ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपको बुलडोजर प्रिय है, इसलिए मैं आपको बुलडोजर गिफ्ट कर रही हूं. यह बच्ची यशस्विनी सिंह कानपुर के प्रताप इंटरनेशनल कॉलेज में नर्सरी की छात्रा है. वह अपने पिता अभय सिंह राजावत व मां प्रियंबदा सिंह के साथ गोरक्षपीठाधीश्वर से आशीर्वाद लेने के लिए गोरखपुर आई थी. यशस्विनी मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत खुश नजर आई.