UP में इस समय क्यों हो रही बारिश? भींगा-भींगा निकला मार्च, अप्रैल में भी तूफानी अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मार्च-अप्रैल में बेमौसम बारिश हो रही है, जिसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ के पैटर्न में बदलाव है. पहले दिसंबर-जनवरी में आने वाले ये विक्षोभ अब मार्च-अप्रैल में सक्रिय हैं, जिससे तापमान गिरा है. हालांकि, इससे रबी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि यह कटाई का समय है. अप्रैल में भी ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है.

यूपी में बारिश का अलर्ट Image Credit:

उत्तर प्रदेश में आम तौर पर मार्च-अप्रैल महीने में मौसम शुष्क रहता है, लेकिन इस साल बारिश हो रही है. आंधी पानी का मौसम लगातार बना हुआ है. यह स्थिति लगातार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बन रही है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पहले इस तरह के पश्चिमी विक्षोभ दिसंबर, जनवरी और फरवरी में आते थे, लेकिन मौसम ने इस बार पैटर्न में बदलाव किया है. जनवरी-फरवरी के महीने में बनने वाली स्थिति अब मार्च अप्रैल में बन रही है. इसकी वजह से इस समय बारिश हो रही है.

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इस बदलाव की वजह से आधा मार्च ठंडा-ठंडा और भींगा-भींगा निकल गया. अब अप्रैल महीने में भी ऐसे ही हालात बनने वाले हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दिसंबर-जनवरी महीने में पड़ने वाली मावठ से खेती को फायदा होता था, लेकिन इस बार मावठ दो महीने देरी से शुरू हुई है. इसकी वजह से फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग के मुताबिक इसका अप्रैल महीने तक रह सकता है.

जानें अप्रैल का मौसम

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक तीन दिन पहले एक पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश हुई थी. फिर आज 27 मार्च को नया पश्चिमी विक्षोभ आया है. इसकी वजह से पूर्वांचल में भी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक अभी तीन से पांच पश्चिमी विक्षोभ अप्रैल में भी आ सकते हैं. इसकी वजह से 20 अप्रैल तक कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश हो सकती है. इसकी वजह से अप्रैल महीने में भी तापमान में गिरावट का क्रम रहेगा. इससे मौसम भी ठंडा बना रहेगा.

खूब उड़ रहीं हैं अफवाहें

मौसम में इस बदलाव को लेकर सोशल मीडिया में तरह तरह की अफवाहें उड़ रही हैं. सोशल मीडिया में कई ऐसे रील्स वायरल हो रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बिल गेट्स के किसी कृत्रिम प्रोजेक्ट का नतीजा है. हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वैज्ञानिकों ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक बिल गेट्स का प्रोजेक्ट सूर्य की गर्मी कंट्रोल करने के संबंध में था, और वह फेल भी हो गया था.

क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरएस चौहान के मुताबिक इस समय भूमध्य सागर की ओर पश्चिमी विक्षोभ पैदा हुआ है. इसकी वजह से मावठ की स्थिति बनी है. आमतौर पर ऐसी स्थिति दिसंबर-जनवरी में बनती है. उस समय इस मावठ का फसलों को फायदा भी होता है, लेकिन इस समय फसलों की कटाई का समय चल रहा है. ऐसे में मावठ से नुकसान का खतरा ज्यादा है.

Follow Us