गोंडा समेत 3 जिलों के 12 दरोगा और एक इंस्पेक्टर सस्पेंड, IG ने लिया एक्शन; क्या है मामला?
उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में इंस्पेक्टर समेत 13 सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया. आईजी देवीपाटन रेंज अमित पाठक ने यह एक्शन लिया है. पुलिकर्मियों पर भ्रष्टाचार और विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप थे. एसआईटी जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है.
आईजी देवीपाटन रेंज अमित पाठक ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार और लापरवाही मामले में बड़ी कार्रवाई की है. गोंडा, श्रावस्ती और बहराइच में 1 इंस्पेक्टर और 12 सब-इंस्पेक्टर को निलंबित किया है. साथ ही साथ इन सभी लोगों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं. वहीं, वही तीन सब इंस्पेक्टर के खिलाफ अभी भी जांच चल रही है.
यह कार्रवाई वाहन दुर्घटना मामलों की विवेचना में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण हुई, जहां बीमा क्लेम के लिए वास्तविक वाहन और चालक बदले गए थे. IG अमित पाठक ने मामले में एसआईटी जांच कराई थी. जांच में सबसे ज्यादा बहराइच के 8, गोंडा के 2 और श्रावस्ती के 3 पुलिसकर्मी दोषी पाए, जिसके बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, आईजी अमित पाठक को ICICI लोंबार्ड कंपनी के अधिकारी राजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा एक शिकायत की गई थी. आरोप था कि वाहन दुर्घटना से संबंधित मुकदमों में असली गाड़ी और आरोपी को ट्रांसप्लांट किया जाता है. और प्लान की गई गाड़ी और आरोपी को हाईलाइट करके, संबंधित केस को कोर्ट में भेजा जाता है.
आईजी अमित पाठक ने बताया कि देवीपाटन परिक्षेत्र में पिछले दिनों ऐसी कई शिकायत मिली थी. ऐसा इसलिए किया गया ताकि जो इंश्योरेंस कंपनी थी उससे क्लेम की धनराशि की वसूली की जा सके. यदि किसी ऐसे प्रकरण में जिसमें वाहन बीमित नहीं होता है या चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता है, तो उसका इंश्योरेंस क्लेम नहीं किया जाता है.
तीन अन्य दरोगा पर कार्रवाई की लटकी तलवार
अमित पाठक ने बताया कि कई विवेचनाओं में इनके द्वारा फर्जी तरीके से ऐसे वाहनों को प्रकाश में लाया गया जिनके द्वारा घटना नहीं की गयी थी. जब इस सबकी अलग-अलग जनपदों में विस्तार से जांच करायी गयी तो ऐसे 13 प्रकरण निकलकर आये जिसमें 16 विवेचकों द्वारा ये अनियमितताएं की गयी थी. इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है.
उन्होंने बताया कि अभी 1 इंस्पेक्टर और 12 सब-इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है. जबकि तीन अन्य दरोगा जिनका स्थानांतरण हो चुका है. उन्हें सूचना भेजकर उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की प्रोसेस को आगे बढ़ाया है. इन सभी मामलों में सही जांच कर वाहन और आरोपी चालक के खिलाफ भी अग्रिम विवेचना के आदेश दिए गए हैं
