माथा टेका, माफी मांगी… मैनपुरी में शंकराचार्य से मिलीं डिंपल यादव; कहा- प्रकृति हर अपमान का बदला लेगी
मैनपुरी में सांसद डिंपल यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से भेंट की. उन्होंने कन्नौज में शंकराचार्य के कथित अपमान पर खेद व्यक्त किया और अखिलेश यादव की ओर से क्षमा याचना की. डिंपल ने स्पष्ट कहा कि शंकराचार्य का अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान है, जिसका बदला प्रकृति लेगी.
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी गौ रक्षा यात्रा लेकर शुक्रवार को मैनपुरी पहुंचे. इस दौरान शहर कोतवाली क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. सबसे खास बात यह रही कि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी मंच पर मौजूद रहीं. उन्होंने शंकराचार्य के सामने माथा टेका और आशीर्वाद लिया.
मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने कार्यक्रम में शंकराचार्य को शॉल भेंट कर अभिनंदन किया. साथ ही कन्नौज में शंकराचार्य के कथित अपमान पर खेद व्यक्त किया और अखिलेश यादव की ओर से क्षमा याचना की. डिंपल ने स्पष्ट कहा कि शंकराचार्य का अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान है, हम सभी सनातनी पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ उनके साथ खड़े हैं.
गौ संरक्षण पर शंकराचार्य के विचारों का किया समर्थन
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति को लेकर अपने विचार रखे. उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को दोहराते हुए कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है. गौ सेवा केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि समाज और मानवता से जुड़ा मुद्दा है.
इस दौरान डिंपल यादव शंकराचार्य से सामने हाथ जोड़े बैठी रहीं. उन्होंने गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के महत्व पर शंकराचार्य के विचारों का समर्थन किया. साथ ही कहा कि माध मेले में शंकराचार्य का अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान है, जिसे पूरा देश देख रहा है. जिस तरीके से उनका अपमान हुआ है, यह प्रकृति उनके हर अपमान का बदला लेगी.
कन्नौज में अस्थायी टेंट में गुजारनी पड़ी थी पूरी रात
इसके साथ ही, डिंपल यादव ने कन्नौज में प्रशासन द्वारा आयोजक को डरा-धमकाकर शंकराचार्य के रात्रि विश्राम का स्थान रद्द करवाने की घटना पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने इस विषय पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव की ओर से भी क्षमा याचना की. डिंपल यादव ने कहा कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं थी.
बता दें कि, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 3 जून को अपनी यात्रा के तहत कन्नौज पहुंचे थे. उनका रात्रि विश्राम छिबरामऊ के सलेमपुर स्थित आशा पब्लिक स्कूल में प्रस्तावित था. आयोजकों का आरोप है कि प्रशासन ने शाम को उन्हें सूचित किया कि वहां ठहरने की अनुमति नहीं दी गई है. इस घटना के बाद शंकराचार्य को एक अस्थायी टेंट में रात गुजारनी पड़ी थी.