‘मार्कशीट के नाम पर घूस, पंखों में करंट और पानी तक नहीं’, स्कूली बच्चों का हंगामा

फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में मंगलवार को करीब एक हजार छात्र-छात्राओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पांच घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया. छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर अतिरिक्त शुल्क वसूली, भ्रष्टाचार और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाया. हाथों में तिरंगा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लेकर छात्रों ने नारेबाजी की. सूचना पर पुलिस, तहसीलदार और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) मौके पर पहुंचे.

हंगामा करते स्कूल के बच्चे Image Credit:

फतेहपुर जिले में मंगलवार को एक सहायता प्राप्त (एडेड) इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले करीब एक हजार छात्र-छात्राओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. सुबह सात बजे से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन करीब पांच घंटे तक चला. छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाया.

हाथों में तिरंगा, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें और अपनी मांगों वाली तख्तियां लेकर छात्र कॉलेज परिसर में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा. आखिरकार जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने छात्रों को लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद दोपहर करीब 12 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ.

सुबह सात बजे से शुरू हुआ विरोध

पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज का है. यह सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालय है, जहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है. कॉलेज में करीब 1200 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं. मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज गेट पर एकत्र हो गए. हाथों में तिरंगा और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लेकर उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.

छात्रों ने लगाए ये आरोप

छात्रों का कहना था कि कई महीनों से लगातार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. उन्होंने कहा कि मार्कशीट और अन्य दस्तावेज देने के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं. एडमिशन के समय सुविधाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है. कक्षाएं नियमित रूप से नहीं चलतीं. पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था नहीं है.

छात्रों का कहना था कि बिजली की व्यवस्था बेहद खराब है, कई क्लासरूम के पंखों में करंट आता है, जिससे कई छात्र पहले भी करंट की चपेट में आ चुके हैं… कॉलेज में पर्याप्त फर्नीचर नहीं है. कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेलकूद की सुविधाएं लगभग न के बराबर हैं, शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है. छात्रों का कहना था कि कॉलेज प्रशासन केवल फीस और अन्य मदों में पैसे वसूलने पर ध्यान देता है, लेकिन छात्रों की सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता.

पांच घंटे तक चला हंगामा

सुबह सात बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तक जारी रहा. कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे. स्थिति को देखते हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य लाल बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे. वहीं किशनपुर थाना प्रभारी मनीष सिंह भी पुलिस बल के साथ कॉलेज पहुंचे और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया. हालांकि छात्र प्रशासनिक अधिकारी के आने और लिखित आश्वासन मिलने तक प्रदर्शन समाप्त करने को तैयार नहीं हुए.

DIOS ने दिया लिखित आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं. इसके बाद DIOS ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि पेयजल की व्यवस्था सुधारी जाएगी, बैठने की समुचित व्यवस्था की जाएगी, कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, खेलकूद संबंधी संसाधन विकसित किए जाएंगे, साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित होगी.

DIOS राकेश कुमार ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क और कथित धन उगाही की शिकायतों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्र-छात्राएं शांत हुए और अपना प्रदर्शन समाप्त कर वापस लौट गए. वहीं, कॉलेज के प्रधानाचार्य लाल बहादुर सिंह ने कहा कि छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विद्यालय गेट पर एकत्र हुए थे, अधिकारियों ने उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है.

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