फिरोजाबाद में BJP की ही नगर पंचायत अध्यक्ष बर्खास्त, इस वजह से गई कुर्सी

फिरोजाबाद में बीजेपी की नगर पंचायत अध्यक्ष माया देवी सागर को पद से हटा दिया गया है. हाईकोर्ट के आदेश पर जांच में नामांकन के समय उनकी उम्र निर्धारित 30 साल से कम पाई गई. अब नगर पंचायत का संचालन एडीएम के हाथों होगा. वहीं, माया देवी ने इसे चुनौती देने की बात कही है.

एका नगर पंचायत: भाजपा अध्यक्ष माया देवी बर्खास्त Image Credit:

फिरोजाबाद में बीजेपी की नगर पंचायत अध्यक्ष माया देवी सागर को उनके पद से बर्कास्त कर दिया गया है. माया देवी एका नगर पंचायत से लगातार दूसरी बार जीती थीं. उन्हें पहले चुनाव में गलत उम्र बताने को लेकर तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है.

माया देवी सागर के खिलाफ साल 2017 के नगर पंचायत चुनाव में नामांकन के दौरान उम्र छिपाने का आरोप लगाया गया था. शिकायतकर्ता का आरोप था कि नामांकन के समय दाखिल शपथ पत्र में माया देवी ने अपनी उम्र 30 साल बताई थी, जबकि उनके हाईस्कूल के शैक्षणिक अभिलेख में जन्मतिथि 1 अगस्त 1988 दर्ज थी, जो 30 साल में 9 महीने था.

नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए 30 साल उम्र जरूरी

जांच के मुताबिक 10 नवंबर 2017 को नामांकन के समय उनकी उम्र करीब 29 साल 3 महीने थी. जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 30 साल होना जरूरी है. इसी आधार पर शासन ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम की धारा 48 के तहत कार्रवाई करते हुए माया देवी सागर को नगर पंचायत अध्यक्ष पद से हटा दिया.

एका के रहने वाले उमेश चंद्र ने इसकी शिकायत पहले शासन से की थी. बाद में कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में अवमानना का वाद दायर किया था. इसके बाद हाईकोर्ट ने शासन को तलब किया. जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर शासन ने 8 अगस्त को माया देवी सागर को तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया.

उपचुनाव तक SDM संभालेंगे नगर पंचायत

इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग और निष्पादन जिला मजिस्ट्रेट अथवा उनके द्वारा निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा करने के आदेश दिए. सोमवार को उपजिलाधिकारी जसराना ऋषभ पुंडीर ने नगर पंचायत पहुंच कर प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार संभाल लिए.

आदेश को अदालत में चुनौती दूंगी- माया देवी

वहीं, माया देवी सागर ने शासन की कार्रवाई को गलत बताया है. उनका कहना है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जिनमें उनका जन्मवर्ष 1986 दर्ज है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी हाईस्कूल की अंकतालिका खो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. उनका कहना है कि वह इस आदेश को अदालत में चुनौती देंगी और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है.

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