500 वाली भट्ठी के दाम हुए 3500… UP में हाहाकार, गैस संकट के बीच इंडक्सन के भी रेट बढ़े
गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच लोग दूसरे विकल्पों की तलाश में हैं. भट्ठी इन्हीं विकल्पो में एक है. लेकिन अब भट्ठियों के दुकानदार इस किल्लत का फायदा उठा रहे हैं. वे मनमाने रेट पर भट्ठियां बेच रहे हैं. 500 वाली भट्ठी 3500 में बेची जा रही है. वहीं, इंडक्शन चूल्हे के रेट भी अचानक से बढ़ गए हैं.
प्रदेश के कई जिलों से एलपीजी गैस की किल्लत के मामले सामने आ रहे हैं. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के वितरण पर अस्थाई रोक लगा दी गई है. गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें दिख रही हैं. कई जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी की खबरें आ रही हैं. हालांकि, इन सबके के बीच योगी सरकार का दावा है कि प्रदेश में कहीं भी एलपीजी गैस की किल्लत नहीं है. हालांकि, इस बीच भट्ठी की दुकानों पर भी लंबी लाइनें लगी दिख रही हैं.
मनमाने रेट पर बेची जा रही हैं भट्ठियां
दरअसल,कॉमर्शियल सिलेंडर के वितरण पर पहले ही रोक लगा दी गई है. आम लोगों को भी गैस एजेंसियों से सिलेंडर लेने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में लोग दूसरे विकल्पों की तलाश में हैं. भट्ठी इन्हीं विकल्पो में एक है. लेकिन अब भट्ठियों के दुकानदार गैस सिलेंडर की किल्लत का फायदा उठा रहे हैं. वे मनमाने रेट पर भट्ठियां बेच रहे हैं. 500 वाली भट्ठी 3500 में बेची जा रही. भट्ठी लेने में सबसे ज्यादा संख्या होटल और ढाबा संचालकों की है. उनका कहना है बुकिंग कराने के 7 से 8 दिन के समय के बाद ही उन्हें भट्ठियां मिल पा रही हैं.
इंडक्शन चूल्हे की भी मांग बढ़ी
उधर इलेक्ट्रिक के दुकानों पर इंडक्शन चूल्हे की मांग बढ़ गई है. गैस की किल्लत को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग दुकानों में इंडक्शन लेने पहुंच रहे हैं. कई दुकानदार ग्राहकों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए तय रेट से ज्यादा जाम में इंडक्शन बेच रहे हैं. कुछ दुकानों पर तो गैस इंडक्शन की इतनी बिक्री हुई है, उनका स्टॉक ही खत्म हो गया है. ऐसे में ग्राहकों को डिलीवरी के लिए दो से तीन दिन आगे का समय देना पड़ रहा है.
दिनों-दिन गहराता जा रहा संकट
इजरायल, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के चलते भारत समेत दुनिया के कई देशों में ईंधन सप्लाई की प्रक्रिया बाधित हुई है. दिनों-दिन यह संकट गहराते जा रहा है. देश में आने वाले दिनों गैस और पेट्रोल जैसे ईंधन की दिक्कत हो सकती है. यूपी में तो कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण होटल-ढाबे के साथ ही KGMU जैसे बड़े मेडिकल संस्थान के हॉस्टल में भी खाना नहीं बन पा रहा है.
शादियों में गैस सिलेंडर की सबसे ज्यादा किल्लत
मंदिरों में बनने वाले प्रसाद के लिए सरकार ने सिलेंडर का इंतजाम किया है लेकिन वह भी दो दिन से ज्यादा नहीं चल पाएगा. ऐसे में वहां पर भी गैस संकट गहराता जा रहा है. गैस किल्लत का सबसे ज्यादा शादियों में देखने को मिल रहा है. आज भी यूपी में 10 हजार से अधिक शादियां हैं और सिलेंडर न मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कैटरर्स ने शादियों में बुकिंग लेनी बंद कर दी है.
