नकली देशों की 5 फर्जी एंबेसियों का खुलासा, विदेश मंत्रालय में भी पैठ; फ्राड एंबेसडर हर्षवर्धन ने और क्या उगले राज?

यूपी STF ने गाजियाबाद में गिरफ्तार फर्जी एंबेसडर हर्षवर्धन से पूछताछ में पांच और नकली देशों के फर्जी दूतावासों का खुलासा किया है. एसटीएफ को इस रैकेट में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की संलिप्तता की भी जानकारी मिली है. इसके बाद मामले की जांच में अब ईडी और सीबीआई भी शामिल हो गई है. जांच एजेंसियां जानने की कोशिश कर रही हैं कि इस रैकेट में कौन कौन ब्यूरोक्रेट्स और नेता शामिल हैं.

फर्जी एंबेसडर हर्षवर्धन जैन Image Credit:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पकड़े गए फ्राड एंबेसडर से पूछताछ कर रही यूपी एसटीएफ ने नकली देशों की 5 और फर्जी एंबेसियों का खुलासा किया है. एसटीएफ की टीम अब इन एंबेसियों के संचालकों की घेराबंदी और गिरफ्तारी में जुटी हैं. एसटीएफ की जांच में पता चला है कि इन जालसाजों की विदेश मंत्रालय में गहरी पैठ है. पटियाला हाउस के रहने वाले जफर और मिथुन इनके दस्तावेजों पर विदेश मंत्रालय की मुहर लगवाते थे.

इस खुलासे के बाद यूपी एसटीएफ की नोएडा टीम ने अलग अलग टास्क तय करते हुए अलग अलग टीमों को जिम्मेदारी दी है. इसमें एक टीम आज से पांच दिन के कस्टडी रिमांड पर आए हर्षवर्धन से पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी टीम जफर और मिथुन की गिरफ्तारी के लिए पटियाला हाउस में डेरा डालकर बैठी है. इसी प्रकार तीसरी टीम चिन्हित की गई पांच फर्जी एंबेसियों के संचालकों की धरपकड़ में जुटी है. इसी क्रम में यूपी एसटीएफ हर्षवर्धन को लेकर गुजरात जाने की भी तैयारी कर रही है.

22 जुलाई को पकड़ा गया था हर्षवर्धन

दो नकली देशों की एंबेसी और दो अन्य नकली देशों की काउंसुल चला रहे हर्षवर्धन को एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 22 जुलाई को अरेस्ट किया था. एसटीएफ ने गाजियाबाद में कविनगर की कोठी नंबर केबी-35 में छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज, करीब 45 लाख की नगदी और राजनयिक नंबर प्लेट लगी 4 लग्जरी गाड़ियां जब्त की थी. पूछताछ में हर्षवर्धन खुद को वेस्ट आर्कटिका, सर्बोगा, पॉलविया और लोडोनिया आदि स्वयंभू देशों का एंबेसडर बताया था.

एसटीएफ की जांच में पता चला है कि देश में नकली देशों के नाम पर फर्जी एंबेसी चलाने का पूरा रैकेट है. यह रैकेट दिल्ली के पटियाला हाउस के रहने वाले दो जालसाजों जफर और मिथुन की मदद से ऑपरेट किया जा रहा है. यही जालसाज इन एंबेसियों के फर्जी दस्तावेजों पर विदेश मंत्रालय की मुहर लगवाते थे. एसटीएफ को उम्मीद है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद कुछ और एंबेसियों का भी खुलासा हो सकता है.

ईडी-सीबीआई भी करेगी जांच

आज से पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर आए हर्षवर्धन से ईडी और सीबीआई भी पूछताछ करेगी. केंद्रीय एजेंसियों का फोकस देश में संचालित हो रहे अन्य अवैध दूतावासों पर होगा. इसके अलावा मनी लांन्डरिंग और हवाला रैकेट को लेकर भी गहन पूछताछ की जाएगी. एसटीएफ की नोएडा यूनिट के एएसपी राजकुमार मिश्रा के मुताबिक रिमांड अवधि में इस रैकेट में शामिल सदस्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी. इसके अलावा, पूछताछ में यह भी जानने का प्रयास किया जाएगा कि दलाली के इस धंधे में कौन कौन ब्यूरोक्रेट्स एवं नेता शामिल हैं.

Follow Us