तेरहवीं की चल रही थी तैयारी, तभी दरवाजे पर जिंदा लौट आया ‘मृत’ युवक; लोगों के उड़ गए होश

गाजियाबाद में मृत घोषित एक युवक अपनी तेरहवीं की रात जीवित घर लौट आया. वह डेढ़ महीने से गायब था. इधर परिवार वालों ने उसके शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया था. इस हैरान कर देने वाली घटना ने परिजनों, पुलिस और स्थानीय लोगों को असमंजस में डाल दिया है. अब सवाल है कि वह शव किसका था?

अपनी तेरहवीं की रात जीवित घर लौटा युवक

गाजियाबाद के कौशांबी और मसूरी थाना क्षेत्रों से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जिस व्यक्ति को परिवार और पुलिस रिकॉर्ड में मृत मान लिया गया था, उसकी तेरहवीं के दिन वह अचानक जिंदा घर लौट आया. वह एक महीने से घर से लापता था. इस घटनाक्रम ने न केवल परिजनों बल्कि पुलिस और स्थानीय लोगों को भी हैरत में डाल दिया है.

वैशाली के कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट का 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से विवाद हुआ था. पुलिस ने शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया. 21 मई को वह जेल से रिहा हुआ लेकिन अपने घर नहीं पहुंचा. इधर परिवार वालों ने काफी तलाश की, बाद में एक अज्ञात शव को उसका मानकर अंतिम संस्कार कर दिया.

परिजनों ने पुलिस पर लगाते थे हत्या के आरोप

जानकारी के मुताबिक, परिजन गिरधर की तलाश में थे, इसी बीच 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव बरामद हुआ. परिजनों ने शव की पहचान गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की. पहचान के आधार पर शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. लेकिन इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर उसकी हत्या के गंभीर आरोप भी लगाए.

इतना ही नही, परिजनों ने कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया. लेकिन कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कथित मृतक गिरधर अचानक अपने घर, अपनी ही तरहवी वाले दिन लौट आया. गिरधर ने बताया कि वह नाराज होकर पंजाब में एक सत्संग में चला गया था और अब वापस घर लौटा है.

शव की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया में चूक कहां हुई?

गिरधर के लौटने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह शव किसका था? पहचान की प्रक्रिया में चूक कहां हुई? क्या डीएनए परीक्षण या अन्य वैज्ञानिक पहचान प्रक्रिया पूरी तरह नहीं अपनाई गई? यदि हत्या के आरोप गलत साबित होते हैं तो उन लोगों का क्या होगा, जो हिरासत में लिए गए?

सोसायटी में भी कौतूहल का माहौल बन गया जब गिरधर को मृत मान चुके लोगों के सामने वह जीवित आकर खड़ा हो गया. इस घटना के बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया और शव की पहचान से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की दोबारा जांच में जुटी है. और अज्ञात शव की असली पहचान करने में लगी है.

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