लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज में बड़ा एक्शन, 86 होटल-गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल बंद
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रयागराज प्रशासन ने फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की है. जांच में गंभीर खामियां मिलने के बाद 86 होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और बैंक्वेट हॉल के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी गई है. मुख्य अग्निशमन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा ने यह कार्रवाई की.
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ गई है. इसी कड़ी में प्रयागराज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने वाले 86 गेस्ट हाउस, होटल, लॉज और बैंक्वेट हॉल के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शहर के होटल और आतिथ्य उद्योग में हड़कंप मच गया है.
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) चंद्र मोहन शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर की गई है. जांच के दौरान सामने आया कि शहर में संचालित कई होटल, गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल बिना अनिवार्य अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) के संचालित हो रहे थे. इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए एडीएम सिटी सत्यम मिश्र ने संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त आदेश जारी कर दिए.
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
प्रयागराज प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में पाया गया कि दर्जनों प्रतिष्ठान फायर सेफ्टी के बुनियादी मानकों का भी पालन नहीं कर रहे थे. कई भवनों में अग्निशमन यंत्र या तो मौजूद नहीं थे या फिर उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी. कुछ स्थानों पर आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था भी नहीं मिली. अधिकारियों का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, वहां फायर सेफ्टी के नियमों का पालन अनिवार्य है.
सराय एक्ट के तहत आवेदन किए गए निरस्त
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इन सभी प्रतिष्ठानों के सराय एक्ट के तहत दिए गए आवेदन भी निरस्त कर दिए हैं. इसके साथ ही संबंधित होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं. एडीएम सिटी सत्यम मिश्र ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित प्रतिष्ठान फायर विभाग से आवश्यक एनओसी प्राप्त नहीं कर लेते और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी.
लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है. हाल के दिनों में प्रदेश में हुई अग्निकांड की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी घातक साबित हो सकती है. अधिकारियों के मुताबिक, जिन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, वहां सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता.
लखनऊ अग्निकांड के बाद बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज स्थित एक व्यावसायिक भवन में आग लगने की घटना में कई लोगों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा शुरू की गई है. शासन ने सभी जिलों को सार्वजनिक भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटल, अस्पताल, मॉल और बैंक्वेट हॉल की जांच के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में प्रयागराज में भी व्यापक अभियान चलाया गया. जांच के दौरान सामने आई खामियों के बाद प्रशासन ने सीधे कार्रवाई करते हुए 86 प्रतिष्ठानों को बंद कराने का फैसला लिया.
