गाजियाबाद में UGC रोलबैक पर महापंचायत खत्म, जंतर-मंतर जाने की जिद; दिल्ली कूच का ऐलान
गाजियाबाद की करेहड़ा महापंचायत UGC रोलबैक मांग पर देर रात समाप्त हुई. प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर जाने पर अड़े थे, पर प्रशासन ने अनुमति नहीं दी. अब 6 सितंबर को दिल्ली में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है.
गाजियाबाद में यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर करेहड़ा गांव में सुबह से चल रही महापंचायत देर रात समाप्त हो गई. महापंचायत में शामिल प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर जाने की अनुमति मांग रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी. इसके बाद लोगों ने गांव के बाहर पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा के सामने धरना शुरू कर दिया था.
सुबह से ही करेहड़ा गांव में यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे. प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रशासन की भी भारी मौजूदगी रही. देर रात गाजियाबाद के एसीपी अमित सक्सेना और एडीएम सिटी विकास कश्यप भी मौके पर पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा और इसे डीएम के माध्यम से शासन तक पहुंचाने की मांग की.
‘कोर्ट से अनुमति लेकर जाएंगे जंतर-मंतर’
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक राज सिंह शेखावत ने कहा, ‘हम दिल्ली जाएंगे, जंतर-मंतर जाएंगे. हमें चाहे कोर्ट के माध्यम से परमिशन लेनी पड़े, हमारी लड़ाई रुकेगी नहीं. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो 6 सितंबर को दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
उनका दावा है कि आज आंदोलन की शुरुआत एक गांव से हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गांवों से लोग इस आंदोलन में शामिल होकर दिल्ली पहुंचेंगे.
6 सितंबर को दिल्ली में बड़े आंदोलन का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम भी सौंपे हैं. एडीएम सिटी विकास कश्यप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अपना पत्र दिया है. इसे जिलाधिकारी के माध्यम से शासन तक भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के नाम भी दिए गए हैं और जो भी नियम होगा, उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल, देर रात प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है, लेकिन 6 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली आंदोलन को लेकर प्रशासन के सामने अब अगली चुनौती खड़ी हो गई है.
