दूसरी बार रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला दरोगा, एनकाउंटर करके आई थी सुर्खियों में
गाजियाबाद की स्टार महिला दारोगा भुवनेश्वरी सिंह को मेरठ एंटी करप्शन टीम ने 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है. वह इससे पहले भी रिश्वतकांड में फंस चुकी हैं. बता दें कि सितंबर 2025 में भुवनेश्वरी सिंह ने गाजियाबाद में पहला एनकाउंटर करने वाली महिला अफसर तौर भी खूब तारीफें और सुर्खियां बटोरी थीं.
गाजियाबाद पुलिस की ‘स्टार’ महिला दारोगा भुवनेश्वरी सिंह को कुछ समय पहले ही लेडी सिंघम का खिताब मिला था. बदमाश का एनकाउंटर और फिर उसे अस्पताल ले जाने के लिए उनकी शान में खूब कसीदे पढ़े गए थे. जिस किस्सों से महकमा गर्वित था. अब वहीं, महिला दरोगा पुलिस के लिए शर्मसार होने की वजह बन रही हैं. उन्हें दारोगा भुवनेश्वरी सिंह ने मेरठ एंटी करप्शन टीम ने 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.
23 सितंबर 2025 को गाजिाबाद में सिहानी गेट क्षेत्र में एक एनकाउंटर हुआ था. इस एनकाउंटर ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा था. यह गाजियाबाद कमिश्नरेट का पहला ऐसा एनकाउंटर था, जिसे महिला पुलिस कर्मियों की टीम ने अंजाम दिया था. भुवनेश्वरी सिंह भी उसी टीम की सदस्य थीं. इस दौरान एक घायल बदमाश को कंधे पर लादकर अस्पताल पहुंचाने की उनकी तस्वीर खूब वायरल हुई थी.
हाल ही में हुई थीं सम्मानित
दारोगा भुवनेश्वरी सिंह को इस बहादुरी के लिए पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने भी सम्मानित किया था. लेकिन सितंबर महीने में पुलिस की शान बनने वाली भुवनेश्वरी सिंह को गाजियाबाद पुलिस का दाग बनने में ज्यादा वक्त नहीं लगा. उनपर एक दहेज केस में रिश्वत लेते हुए मेरठ एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा है.
अब रिश्वत कांड में फंसी
दारोगा भुवनेश्वरी सिंह पर आरोप है कि वह साहिबाबाद के वृंदावन गार्डन निवासी रामपाल सैनी के बेटे पर उसकी पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का केरस दर्ज कराया. इस केस की जांच दारोगा भुवनेश्वरी सिंह कर रही थीं. इस दौरान भुवनेश्वरी सिंह ने रामपाल के परिवार के अन्य सदस्यों के नाम इस केस में ना जोड़ने और राहत दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी. पीड़ित के बार-बार गिड़गिड़ाने पर 50 हजार रुपये में मामला तय हुआ.
मंगलवार यानी 14 जनवरी को पीड़ित तय रकम से 5 हजार कम रुपये लेकर चौकी पहुंचा. दरोगा भुवनेश्वरी सिंह ने जैसे ही उससे पैसे लेकर अपने मेज की दराज में रखा वैसे ही पहले से तैयार मेरठ एंटी करप्शन टीम ने धावा बोल दिया. रिश्वत की रकम की बरामदगी करते हुए दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को रंगे हाथ धर लिया.
पहले भी रिश्वतकांड में फंस चुकी हैं भुवनेश्वरी सिंह
दारोगा भुवनेश्वरी सिंह अलीगढ़ की रहने वाली हैं. वह 2002 बैच की महिला दरोगा हैं. जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वरी शुरू से ही पढ़ाई और खेलकूद में अव्वल थी. स्कूल में उनका व्यवहार काफी शर्मीला था. लेकिन पुलिस विभाग में आते ही विवादों से उनका पुराना नाता रहा है. साल 2022 में वह कानपुर में भी तैनात थीं. इस दौरान एक सेक्स रैकेट के मामले में पकड़े गए व्यापारियों से 15 लाख रुपये मांगे थे. उस दौरान भी उन्हें 50 हजार की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया था.
रिश्वत कांड में फंसने के बाद भी मिली थी फील्ड पोस्टिंग
रिश्वत लेने के मामले में एक बार गिरफ्तार किए जाने के बाद भी वह फील्ड पोस्टिंग पाने में कामयाब रही थीं. लेकिन अब एक बार फिर रिश्वत कांड में फंसने के चलते उनके करियर पर तो सवालिया निशान लगा ही. साथ ही उन्होंने गाजियाबाद पुलिस की छवि पर भी कालिख लगाने का काम किया.