बाल खाती थी 7 साल की बच्ची, सर्जरी के बाद डॉक्टर भी हैरान; पेट से निकला इतना बड़ा गुच्छा

गोरखपुर में 7 वर्षीय बच्ची के पेट से बालों का एक विशाल गुच्छा सर्जरी से निकाला गया, जिसने उसकी जान बचाई. बच्ची को पेट दर्द, उल्टी और भूख न लगने जैसी शिकायतें थीं. डॉक्टरों ने बताया कि यह हेयर बेजोआर था, जो बच्चों में बाल खाने की आदत के कारण बनता है.

बच्चों के बाल खाने की आदत, पेट में बालों का गुच्छा

गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक हॉस्पिटल में 7 वर्षीय बच्ची के पेट से बालों का एक विशाल गुच्छा सर्जरी से निकाला गया. बच्ची को पेट दर्द, उल्टी और भूख न लगने जैसी शिकायतें थीं. जांच में पता चला कि उसके पेट में बालों के ठोस गुच्छे बन चुके हैं, जिसने बच्ची के पेट और आंत में भोजन के सामान्य मार्ग को रोक दिया था.

वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. रविकेश द्विवेदी और उनकी टीम ने लगभग ढाई घंटे में सफल सर्जरी कर बच्ची की जान बचाई. पेट से निकले बालों की विशाल गुच्छे को देख कर डॉक्टर और बच्चों के घर वाले भी हैरान हो गए. डॉक्टरों ने बताया कि यह हेयर बेजोआर था, जो बच्चों में बाल खाने की आदत के कारण बनता है. साथ ही पैरेंट्स को देखरेख की सलाह दी.

पेट में चीरा लगाकर निकाला बालों का गुच्छा

गोरखपुर शहर की रहने वाली 7 वर्षीय बच्ची कई महीनों से पेट दर्द, उल्टी, भूख न लगना, लगातार वजन कम होना, कमजोरी जैसी समस्याओं से परेशान थी. इसके बाद उसके परिजन 29 मई को उसे लेकर गोरखपुर की प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे. जहां डॉक्टर ने बच्ची की सारी जरूरी जांच कराई. इसमें पता चला कि पेट में बाल के गुच्छे ठोस रूप ले चुका है.

डॉ रविकेश द्विवेदी और उनकी टीम ने बच्ची के स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. ढाई घंटे तक ऑपरेशन चली. इसी दौरान बच्ची के पेट में चीरा लगाकर बालों के विशाल गुच्छे को बाहर निकाला गया. सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति पूरी तरह से स्थिर है. 4 जून को डॉक्टर ने जांच के बाद बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया.

हेयर बोजोआर, दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति

डॉक्टर ने बताया कि अगर सही समय पर बच्ची का इलाज नहीं होता तो हाथों में अवरोध, कुपोषण संक्रमण जैसी गंभीर खतरा बन सकता था. वहीं, इस मामले में डॉक्टर ने बताया कि कुछ बच्चों में बाल खाने की आदत विकसित हो जाती है. लंबे समय तक बाल खाने से पेट में बाल जमा होने लगती है और धीरे–धीरे वह बड़े गुच्छे का रूप ले लेते है.

उन्होंने बताया कि इसे चिकित्सकीय भाषा में हेयर बोजोआर कहा जाता है. यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर चिकित्सकीय स्थित है, जिसमें कई बार सर्जरी ही एकमात्र उपचार होता है. अक्सर बच्चे अनजाने में कई ऐसी आदतें विकसित कर लेते हैं, जिन्हें परिवार वाले सामान्य समझकर नजर अंदाज कर देते हैं. लेकिन यह आदत आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती है.

बच्चों की असामान्य आदतों पर ध्यान दें

डॉक्टर ने पेरेंट्स से अपील की है कि बच्चों की असामान्य आदतों जैसी बार-बार पीठ में दर्द, भूख में कमी और वजन घटने जैसी लक्षणों को कभी नजर अंदाज नहीं करें, तुरंत चिकित्सकीय परामर्श ले, ताकि गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके. विशेषज्ञों ने माता-पिता को बच्चों की असामान्य आदतों और लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी है.

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