पूर्वांचल में बनेगा आर्थिक ग्रोथ कॉरिडोर, 4 लेन होगा बलिया-मऊ हाईवे; केंद्र ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने बलिया-मऊ NH 128B के 4 लेन चौड़ीकरण को मंजूरी दी है, जिससे 20 लाख से अधिक की आबादी को लाभ होगा. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की पहल से यह पिछड़ा क्षेत्र भी इस सड़क के रास्ते देश की मुख्यधारा से जुड़ेगा. 55 किमी की यात्रा अब 3-4 घंटे की बजाय 1 घंटे से भी कम समय में पूरी होगी. मंत्री एके शर्मा के मुताबिक यह सड़क पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ कॉरिडोर बनेगा.
उत्तर प्रदेश के पिछड़े जिलों में शामिल बलिया और मऊ को देश की मुख्य धारा में लाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है. उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की पहल पर केंद्र सरकार ने बलिया से मऊ NH 128B के चौड़ीकरण को मंजूरी दे दी है. 55.57 किलोमीटर लंब इस नेशनल हाईवे को अब डिवाइडर के साथ 4 लेन किया जाएगा.इससे दोनों जिलों की करीब 20 लाख की आबादी को सीधा लाभ होगा.
अभी तक बलिया में कोई भी बेहतर सड़क नेटवर्क नहीं है. बलिया सोनौली नेशनल हाईवे और बलिया गाजीपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम चल रहा है. इन सड़कों के बनने से बलिया को देश के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जुड़ने की उम्मीद थी. वहीं अब बलिया-मऊ नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की खबर पर बलिया और मऊ में जश्न का माहौल है. खुद ऊर्जा मंत्री ने प्रेसनोट जारी कर इस सड़क के चौड़ीकरण की जानकारी दी है.
NHAI को लिखा पत्र
केंद्र की हरी झंडी के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने एनएचएआई को पत्र लिखा है. इसमें केंद्र की मंजूरी का हवाला देते हुए जल्द टेंडर जारी करने और काम शुरू कराने का आग्रह किया है. ऊर्जा मंत्री ने इस पत्र में साफ तौर पर उल्लेख किया है कि इस संबंध में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और एनएचएआई के अधिकारियों से कई बार बात हुई है. कहा कि इस सड़क से पूर्वांचल के विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा. बकि यह सड़क पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ कॉरिडोर बनेगा.
एक घंटे में पूरा होगा सफर
बलिया से मऊ की दूरी महज 55 किमी है, लेकिन खस्ता हाल और सिंगल रोड की वजह से इस समय बलिया से मऊ का सफर करने में तीन से चार घंटे तक का वक्त लग जाता है. चूंकि बलिया से इलाज के लिए अक्सर लोग मऊ जाते हैं, इसलिए यात्रा में लगने वाली यह देरी कई बार मरीजों के लिए घातक हो जाती है. माना जा रहा है कि यह सड़क 4 लेन होने से इस सड़क पर 80 से 100 किमी की रफ्तार से गाड़ियां चल सकेंगी और एक घंटे से भी कम समय के अंदर यह सफर तय किया जा सकेगा.
ऐसे बनेगा आर्थिक ग्रोथ कॉरिडोर
इस सड़क के बनने से बड़ा फायदा इस क्षेत्र में व्यापार-वाणिज्य को लेकर होने वाला है. अभी तक बेहतर सड़क नेटवर्क के अभाव में बलिया के कृषि उत्पादों को दूसरे जिलों में पहुंचाना मुश्किल होता था. इसके अलावा बाहर से कारोबारी भी यहां आने से भरसक परहेज करते थे. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के इस सबसे पिछड़े जिले में आर्थिक ग्रोथ कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है.
