‘आप तो मछली काटो, हाथ हम काटते हैं…’ संजय निषाद के बयान पर भड़के क्षत्रिय, अंशुमान सिंह के समर्थन में पंचायत

गोरखपुर थप्पड़ कांड ने जातीय गोलबंदी का रूप ले लिया है. संजय निषाद के 'हाथ काटने' वाले बयान पर क्षत्रिय समाज आक्रोशित है, जिसने पलटवार करते हुए उन्हें मछली काटने तक सीमित रहने को कहा. अंशुमान सिंह के समर्थन में क्षत्रियों ने फर्जी मुकदमे वापसी की मांग की है.

मंत्री संजय निषाद के बयान के खिलाफ क्षत्रिय समाज की पंचायत Image Credit:

समाजवादी पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस में हुआ थप्पड़ कांड अब गोरखपुर में जातीय गोलबंदी का रूप लेने लगा है. एक तरफ रामनगीना साहनी के समर्थन में निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने हाथ काटने की बात कही है, वहीं अंशुमान सिंह के समर्थन में उमड़े क्षत्रियों ने हूंकार भरते हुए उन्हें मछली भर काटने तक सीमित रहने को कहा है. कहा कि हाथ काटने का काम तो क्षत्रियों का है. बांसगांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में उमड़े क्षत्रिय समाज के लोगों ने पहले तो घटना की निंदा की. फिर अंशुमान सिंह पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की.

बता दें कि सपा के प्रेस कांफ्रेंस में कुर्सी को लेकर हुए विवाद में पूर्व सपा नेता अंशुमान सिंह के बेटे रामनगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के अखिलेश यादव ने अंशुमान सिंह को पार्टी से बाहर करते हुए जिले की कार्यकारिणी भंग कर दी थी. वहीं रामनगीना साहनी की तहरीर पर पुलिस पर अंशुमान सिंह समेत कई अन्य के खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था. इस पुलिसिया कार्रवाई के विरोध मों आज दुर्गा मंदिर में क्षत्रिय समाज के लोग एकत्र हुए और जोरदार आक्रोश व्यक्त किया.

संजय निषाद के बयान पर बवाल

इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने रामनगीना साहनी के पक्ष में प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने थप्पड़ मारने वालों के हाथ काटने और गोली मारने की बात कही थी. इस बयान पर क्षत्रिय समाज के लोगों ने रोष जताया. वहीं बयान पर पलटवार करते हुए समाज के लोगों ने कहा कि हाथ काटना और गोली मारना तो उनका काम है. संजय निषाद मछली काटने वाले हैं, वहीं तक सीमित रहें. दोनों पक्षों का बयान सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है.

अंशुमान सिंह ने जताया आभार

थप्पड़ कांड और एफआईआर के बाद अकेले पड़े अंशुमान सिंह ने क्षत्रिय समाज के इस समर्थन पर आभार प्रकट किया है. उन्होंने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है. इसमें वह अपने समाज और बांसगांव क्षेत्र वासियों का आभार व्यक्त कर रहे हैं. कह रहे हैं कि ‘मेरे दुख की इस घड़ी में मेरे क्षेत्र और समाज के लोग मेरे साथ खड़े हैं, आप सभी को नमन करता हूं’. दूसरी ओर यह मामला अब राजनीतिक और जातीय गोलबंदी का रूप लेता नजर आ रहा है.

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