सिलेंडर लाओ तो बनेगा खाना… खाली हाथ लौटे पति को पत्नी ने भगाया, CM सिटी में क्यों मचा हाहाकार?
CM सिटी गोरखपुर में रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से लोग जूझ रहे हैं. सरकारी दावों के बावजूद गैस नहीं मिल पा रही. लोग रात-रात भर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं. भीषण गर्मी और मच्छरों के बीच भी सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. इससे परिवारों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और किचन में खाना बनाना मुश्किल हो गया है.
ईरान-अमेरिका की जंग का असर अब घरों के किचन में साफ नजर आने लगा है. भले प्रधानमंत्री मोदी या सीएम योगी दावा करें कि यूपी में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत तो कुछ और ही है. खुद सीएम सिटी गोरखपुर में ही हाहाकार मचा हुआ है. लोग रात-रातभर गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में बैठ रहे हैं. चूंकि मच्छर भी खूब हैं, ऐसे में कई लोग मच्छरदानी में लाइन लगाकर बैठे नजर आए.
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस एजेंसी पर तो हालात और भी खराब हैं. यहां रात-रात भर सिलेंडर की रखवाली करते हुए लोग अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं. भीषण गर्मी, मच्छर और लंबी कतारें… यह स्थिति यहां रोज ही देखने को मिल रही है. कई लोग तो सिलेंडर को ही तकिया और बिस्तर बनाकर सो रहे हैं. इतने के बाद भी जिला प्रशासन का दावा है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है. ऐसे में सवाल है कि किल्लत नहीं है तो फिर एजेंसियों पर लंबी लाइनें क्यों हैं?
खाली हाथ लौटे पति पर भड़की पत्नी
गोरखपुर के ही एक युवक पूरी रात एजेंसी पर लाइन में लगा रहा, बावजूद इसके उसे रसोई गैस का सिलेंडर नहीं मिला. खाली हाथ लौटा तो उसकी पत्नी ने बैरंग लौटा दिया. कह दिया कि खाली हाथ घर में घुसने की जरूरत नहीं. एक अन्य उपभोक्ता राजाराम के मुताबिक वह खुद गंगा गैस एजेंसी के बाहर पूरी रात लाइन में लगे थे, मच्छर लग रहे तो उन्होंने मच्छरदानी भी लगाई. फिर भी गैस मिलने की कोई उम्मीद नहीं है.
दिन में नौकरी रात में गैस की लाइन
एजेंसी के बाहर लाइन में लगे उपभोक्ताओं से मीडिया ने बात की. पता चला कि ज्यादातर लोग दिन भर नौकरी करके आए और रात में गैस एजेंसी की लाइन में लग गए. घर की महिलाओं ने भी कह दिया कि सिलेंडर मिलने तक उनका घर में कोई काम नहीं है. जब तक गैस लेकर नहीं आएंगे तब तक भोजन नहीं मिलेगा. आलम यह है कि चाहें महिलाएं हों या बुजुर्ग या फिर युवा, सभी को पूरी रात लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है.
पांच दिन बाद भी नहीं मिली गैस
एक महिला राधिका ने बताया कि वह चार-पांच दिन से लगातार आ रही है, पूरी रात लाइन में भी खड़ी होती है, फिर उसे गैस नहीं मिला है. ऐसे में बच्चों के लिए टिफिन बनाने में काफी मुश्किलें हो रही है. जैसे तैसे चूल्हे पर खाना बन रहा है. इसी प्रकार महावीर छपरा की रहने वाली महिला उपभोक्ता ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से लगातार आ रही हैं लेकिन अभी तक उन्हें गैस नहीं मिल पाया है.
