नेपाल से बहकर आ रही लाशें, नारायणी नदी में मिले 9 शव; भेजा गया गोरखपुर एम्स

नेपाल में आए जलप्रलय के कारण नारायणी नदी में बहकर कुशीनगर तक पहुंचे 9 शवों से दहशत है. इन अज्ञात शवों को गोरखपुर एम्स में सुरक्षित रखवाया गया है, जिनकी पहचान के लिए नेपाल सरकार को सूचना दी गई है. एम्स में शवों के प्रबंधन और पहचान के प्रयास जारी हैं, वहीं शवों की संख्या बढ़ने की आशंका प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.

नारायणी नदी में नेपाल से आ रही लाशें

नेपाल में आए जलप्रलय से उत्तर प्रदेश की पूर्वांचल में भी दहशत की स्थिति है. कुशीनगर जिले से गुजर रही नारायणी नदी में 9 शव मिले हैं. बताया जा रहा है कि यह सभी लोग नेपाल के जलप्रलय की चपेट में आए और उनकी मौत हो गई. फिर पानी की तेज धारा के साथ बहते हुए कुशीनगर तक पहुंच गए. फिलहाल इन सभी शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर गोरखपुर एम्स की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है.

जानकारी के मुताबिक यह सभी 9 शव 29 अगस्त से 31 अगस्त के बीच बहते हुए कुशीनगर तक पहुंचे थे. प्रशासन ने शवों के साथ मिले कपड़े और अन्य समानों को भी सुरक्षित रखवाया है. इसकी सूचना नेपाल सरकार को उपलब्ध करा दी गई है. एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि 29 तारीख से अब तक कुल 9 शव हम लोगों के पास आ चुके हैं. अभी तक किसी भी शव की पहचान नहीं हो सकी है.

2 शवों का होगा पोस्टमार्टम

उन्होंने बताया कि इन सभी शवों की तस्वीर लेकर उनके बॉडी स्ट्रक्चर और बालों के आधार पर पहचान लिखी जा रही है. वहीं पुलिस और सीएमओ कुशीनगर के निर्देश पर 2 शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. इस दौरान पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी होगी. उन्होंने बताया कि इन शवों की पहचान की भी कोशिश की जा रही है. इसके लिए नेपाल सरकार को पूरी सूचना उपलब्ध कराई गई है. इस सूचना का वहां जलप्रलय में लापता हुए लोगों के साथ मिलान किया जाएगा.

शवों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति

अधिकारियों के मुताबिक गोरखपुर एम्स की मोर्चरी में 24 शवों की रखने की व्यवस्था है. चूंकि अभी भी नदी में शव मिलने की आशंका बनी हुई है, ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इन शवों को कहां रखा जाएगा और कब तक रखा जाएगा. इससे संबंधित फैसला शासन को करना है. एम्स प्रशासन के मुताबिक सरकार का आदेश आने तक इन शवों को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है.

Follow Us