ऐसे दमकेगी गोरखनाथ की नगरी… शहर का होगा थिमेटिक विकास, सड़कों पर लगेंगी मूर्तियां

गोरखनाथ की नगरी गोरखपुर का जल्द ही थिमेटिक विकास होगा. सड़कों और डिवाइडरों पर कलात्मक मूर्तियां लगाई जाएंगी, जो शहर को सांस्कृतिक व कलात्मक पहचान देंगी. ये मूर्तियां भारतीय जीवनशैली, योग, संगीत और अध्यात्म को दर्शाएंगी. इससे न केवल शहर सुंदर दिखेगा, बल्कि पर्यटकों के बीच एक विकसित और व्यवस्थित गोरखपुर की सकारात्मक छवि भी बनेगी.

गोरखपुर की सड़कों का थिमेटिक विकास Image Credit:

गुरु गोरखनाथ की नगरी गोरखपुर का नया स्वरुप जल्द ही आपके सामने होगा. शहर की सड़कों पर चौराहों पर लग रही थिमेटिक मूर्तियां अनायास ही आपका ध्यान आकर्षित करेंगी. जिन्हें देखकर आप भी सराहना करने से खुद को नहीं रोक पाएंगे. इसके लिए पहले शहर की सड़कों को चौड़ीकरण किया जाएगा. फिर विभिन्न चौराहों पर सड़कों पर बने डिवाइडर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा.

योजना के मुताबिक मुख्य मार्गों के डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं की स्थापना कर उनका कलात्मक विकास किया जाएगा. पीपीपी मोड पर इस परियोजना को मूर्त रूप दिया जाएगा. इस संबंध में पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतिकरण दिया जा चुका है. अब नगर निगम बोर्ड में इस संबंध में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब काम शुरू किया जा रहा है. माना जा रहा है कि एक महीने में परियोजना आकार लेने लगेगी.

शहर को मिलेगी कलात्मक पहचान

महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के मुताबिक शहर की सड़कों पर बने डिवाइडर का सौंदर्य अब केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें कलात्मक और सांस्कृतिक पहचान भी मिलेगी. डिवाइडर को थिमेटिक सांस्कृतिक रूप देने के लिए कहीं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह और वाद्य यंत्रों की आकृतियां दिखाई देंगी तो कहीं योग मुद्राओं की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनेंगी. इसके जरिए गोरखपुर शहर को आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति तथा परंपरा से जोड़ा जाएगा.

जीवनशैली की दिखेगी झलक

महापौर के मुताबिक थिमेटिक प्रतिमाओं में संगीत, योग, अध्यात्म और भारतीय जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी. इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में विकसित और व्यवस्थित गोरखपुर की सकारात्मक छवि भी बनेगी. उन्होंने बताया कि सड़कों के किनारे आकर्षक लाइटिंग पहले से है. अब डिवाइडर पर हरियाली के बीच कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से शहर को नया रूप दिया जाएगा. खासतौर पर नगर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख यातायात मार्गों को विशेष रूप से चिन्हित कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा.

सभी विभागों से मिली एनओसी

डिवाइडरों के थिमेटिक विकास के लिए चयनित संस्था इंडियन आर्ट एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कृष्ण मोहन के मुताबिक प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने से पहले विभिन्न विभागों की तरफ से जरूरी एनओसी हासिल कर ली गई है. इसी महीने काम शुरू हो जाएगा और एक महीने के अंदर डिवाडरों पर मूर्तियां नजर आने लगेंगी. इसके अलावा आसपास बड़े पैमाने पर फूल पौधे भी लगाए जाएंगे. यह संस्था अगले 30 वर्ष तक इनकी देखभाल भी करेगी.

कहां क्या होगा?

अधिकारियों के मुताबिक पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग के डिवाइडर पर वाद्य यंत्रों की थीम पर प्रतिमाएं लगाई जाएंगी. इसी प्रकार असुरन चौराहा से गुलरिहा तक अध्यात्म और योग मुद्राओं की थीम वाली तथा यातायात तिराहा से बरगदवा तक के डिवाइडर पर अध्यात्म थीम पर प्रतिमाओं लगाई जानी है. वहीं देवरिया बाईपास मार्ग (चिड़ियाघर मुख्य मार्ग) के डिवाइडर को एनिमल थीम पर विकसित किया जाएगा.

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