ग्रेटर नोएडा में ‘जहरीले’ मोमोज, एक ही दुकान से खाकर 12 लोग बीमार; इलाके में दहशत
ग्रेटर नोएडा में एक मोमोज दुकान के जहरीले मोमोज खाने से 12 लोग बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हुए हैं. उल्टी, पेट दर्द, सिर दर्द जैसे लक्षणों के बाद सभी की तबीयत बिगड़ी. सभासद के परिवार समेत कई लोग प्रभावित हुए. इस घटना से इलाके में डर का माहौल है और खाद्य सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं.
ग्रेटर नोएडा के दादरी में मोमोज खाने से एक दर्जन लोग बीमार पड़ गए है. बताया जा रहा है कि सभी लोगों को उल्टी पेट दर्द सिर दर्द और बुखार जैसी शिकायत होने लगी हालत बिगड़ने पर परिजनों ने तुरंत सभी को अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. यह घटना सामने आते ही इलाके में डर और दहशत का माहौल बन गया है.
दादरी नगर की तहसील के पास स्थित एक मोमोज की दुकान से दो अलग-अलग परिवारों के लोगों ने मोमोज खरीदे थे. इनमें वार्ड नंबर 14 के सभासद आरिफ का परिवार और उनके पड़ोस के लोग भी शामिल है. सभी ने एक ही समय के आसपास मोमोज खाए थे, इसके कुछ देर बाद ही एक-एक करके लोगों की तबीयत बिकने लगी.
उल्टी, पेट में दर्द और धीरे-धीरे चढ़ने लगा बुखार
मोमोज खाने के बाद तुरंत लोगों को पहले उल्टी और पेट में दर्द की शिकायत हुई, फिर धीरे-धीरे सर दर्द और बुखार जैसे लक्षण भी सामने आए. अचानक कई लोगों के एक साथ बीमार पड़ने से परिवार में अफरा तफरी मच गई. आनन फानन में सभी को दादरी के सरकारी अस्पताल ले जाएगा जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थित है लेकिन उन्हें निगरानी में रहा गया है. डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षण फूड प्वाइजन की और इशारा कर रहे हैं. हालांकि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी. डॉक्टरों की टीम सभी मरीजों का इलाज कर रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
अब बाहर का खाने से भी हिचकिचा रहे लोग
इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, लोग अब बाहर का खाने से भी हिचकिचा रहे है. साथ ही दुकान के साफ सफाई और खाद गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि दादरी कश्मीर में कई छोटी दुकानों पर बिना किसी मानक के खाद सामग्री तैयार की जाती है जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं.
वहीं, सभासद ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. पीड़ित परिजनों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा को समय-समय पर उनके खिलाफ अभियान चलाना चाहिए ताकि इनकी सही समय पर गुणवत्ता की जांच हो सके अगर समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी लोग इस तरह की घटनाओं का शिकार हो सकते हैं.