भागवत पाठ, 200 लोगों का भोज… चर्चा में दो बकरियों स्वीटी और मोनिका का बर्थडे, Video
हरदोई जिले के सदर तहसील के गौरा डांडा गांव में पशुपालक लालाराम श्रीवास्तव ने अपनी दो प्यारी बकरियों 'स्वीटी' और 'मोनिका' का जन्मदिन धूमधाम से मनाया. यह कोई साधारण आयोजन नहीं था. बकरियों को फूलों की मालाएं पहनाई गईं, केक कटवाया गया, आरती उतारी गई और भजन गाए गए. लालाराम ने बताया कि ये बकरियां उनके परिवार का हिस्सा हैं.
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक ऐसा जन्मदिन मनाया गया, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है. सदर तहसील के गौरा डांडा गांव में रहने वाले पशुपालक लालाराम श्रीवास्तव ने अपनी दो प्यारी बकरियों ‘स्वीटी’ और ‘मोनिका’ का जन्मदिन किसी उत्सव की तरह मनाया. यह कोई साधारण आयोजन नहीं था, बल्कि इसमें पूरे रीति-रिवाज, भक्ति और भव्यता का संगम देखने को मिला. इस बर्थडे पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
इस कार्यक्रम के लिए लालाराम ने बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाकर ग्रामीणों को आमंत्रित किया था. जश्न की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों से हुई, जिसमें गांव में रामायण और भागवत पाठ का आयोजन किया गया. बकरियों को नहला-धुलाकर फूलों की मालाएं पहनाई गईं और नए वस्त्र धारण कराए गए. माहौल तब और रंगीन हो गया जब डीजे की धुनों पर गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्ग जमकर थिरके. इस मौके पर 200 लोगों के लिए शानदार दावत का इंतजाम किया था.
पिछले साल 51 कन्याओं का कराया था भोज
खास बात यह है कि पिछले साल भी उन्होंने इसी तरह 300 मेहमानों को बुलाकर जश्न मनाया था और 51 कन्याओं को भोज कराया था. ग्रामीणों के लिए यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि लालाराम के अटूट पशु-प्रेम की मिसाल है. लालाराम का कहना है कि स्वीटी और मोनिका उनके परिवार का हिस्सा हैं. आज के दौर में जहां लोग अपनों को भूल जाते हैं, वहीं लालाराम का यह अनोखा कदम समाज को बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता और प्रेम का बड़ा संदेश दे रहा है.
पिछले 5 साल से मना रहे हैं बर्थडे
40 साल के लालाराम पिछले 7 सालों से बकरी पालन का काम कर रहे हैं. पिछले 5 सालों से वह दो बकरियों का जन्मदिन मनाते चले आ रहे हैं. इस समय लालाराम के पास कुल सात बकरी है, जिनमें से शुरुआती खरीदी गई दो बकरियों का जन्मदिन इनके द्वारा मनाया जा रहा है. लालाराम का कहना है कि वह इन बकरियों से बच्चों की तरह मोहब्बत करते हैं, इनके एक बार बुलाने पर वह उनके पास दौड़ी चली आती है.
स्वीटी और मोनिका रखा था नाम
लालाराम ने बताया कि आज से 6 साल पहले दो बकरियां पाली थी, जिनका नाम उन्होंने स्वीटी और मोनिका रखा था. वह तभी से उन बकरियों का जन्मदिन पूरे रीति रिवाज, भक्ति और भव्यता के आयोजन के साथ करते चले आ रहे हैं. उनका कहना है कि वह इन बकरियों को अपने बच्चों की तरह पालते हैं. इस आयोजन में पूरे गांव को दावत दी जाती है, जिसमें गांव के लगभग लोग शामिल होते हैं. गांव वाले भी इन बकरियों से काफी प्यार करने लगे हैं.
