नोएडा में जहां-जहां हुआ था बवाल, वहां अब कैसे हैं हालात? पिछले 24 घंटे के दौरान क्या हुआ?
नोएडा में श्रमिकों की तरफ से न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच 13 अप्रैल को हिंसा भड़क गई थी. कई जगह ंबवाल की घटनाएं सामने आई. सेक्टर 63 में प्रदर्शनकारियों ने थाने पर पथराव कर दिया. फिलहाल, पुलिस ने हिंसा के बाद अब तक करीब 60 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं, आज यानी मंगलवार को शहर में हालात सामान्य है. अब तक कहीं से भी हिंसा की घटना सामने नहीं आई है.
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद आज शहर के औद्योगिक क्षेत्र में हालात काफी हद तक नियंत्रण में नजर आ रहे हैं. पुलिस और प्रशासन की सख्ती के चलते शहर में शांति बनी हुई है. इन सबके बीच सरकार ने भी मजदूरों की मांगों पर बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम वेतन में 3000 तक की बढ़ोतरी कर दी है, इसे 1 अप्रैल 2026 से लागू भी कर दिया गया है. इस फैसले को आंदोलन के बीच एक अहम कदम माना जा रहा है.
सोमवार को हुई हिंसा को देखते हुए आज मगंलवार को सुबह से ही नोएडा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र फेस टू सेक्टर 63 सेक्टर 58 और ईकोटेक थर्ड में भारी पुलिस बल कंपनियों के बाद तैनात की गई हैं. मुख्य सड़कों और चौराहा पर पुलिस की मौजूदगी है. हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि दोबारा किसी तरह की हिंसा न हो. इसके लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है. अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
कैसे हिंसक हुआ मजदूरों का आंदोलन?
नोएडा में मजदूरों का आंदोलन 9 अप्रैल को फेस टू थाना क्षेत्र स्थित होजरी कंपलेक्स से शुरू हुआ. जहां गवर्नमेंट और होजरी यूनिट्स में काम करने वाले मजदूर फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हुए और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. शुरुआत में यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और मजदूरों ने बातचीत के जारिए अपनी बात रखने की कोशिश की. 11 अप्रैल तक उनकी मांगों पर ना तो कंपनियों ने विचार किया और ना ही प्रशासन ने कोई जवाब दिया. इससे असंतोष बढ़ता गया. इसी बीच 12 अप्रैल को इकोटेक थर्ड इलाके में प्रदर्शन के दौरान मामला बिगड़ गया. आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने फायरिंग भी की.
पिछले 24 घंटे के दौरान क्या हुआ?
आरोप है कि इस फायरिंग में एक महिला मजदूर को गोली लगी. इसके बाद मजदूरों में आक्रोश फैल गया. अगले ही दिन यानी 13 अप्रैल को नोएडा के फेस 2 और सेक्टर 62 और NH 9 जैसे प्रमुख इलाकों में हजारों मजदूर सड़कों पर उतर आए. जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी डिवाइडर पर चढ़कर नारेबाजी की. इससे पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई. यही नहीं, नोएडा के सभी एंट्री पॉइंट पर मजदूरों ने कब्जा कर लिया. इससे दिल्ली और गाजियाबाद में भी लंबा जाम लग गया. इस दौरान कई जगह मजदूरों ने तोड़फोड़ और आगजनी की. इससे अफरा तफरी मच गई.
60 से ज्यादा लोग हिरासत में
प्रदर्शनकारियो ने सेक्टर 63 के थाने पर भी पथराव कर दिया. पुलिस की कई गाड़ियों को तहस-नहस कर दिया. मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान उनकी पुलिस से भी झड़पें भी हुईं. हालात संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का भी सहारा लिया, लेकिन उससे प्रदर्शनकारी और भड़क गए. हिंसा के बाद पुलिस ने सोमवार रात में 30 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि 60 लोग पहले से ही हिरासत में थे. इसके अलावा, 200 लोगों की पहचान हुई है. इनमें वे लोग शामिल है जो पथराव तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में शामिल थे. इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों की पहचान जारी है.
वहीं सुरक्षा कारणों से कल ही प्रशासन की तरफ से ये ऐलान कर दिया गया था कि जिलेभर में सभी कंपनियां बंद रहेंगी. औद्योगिक क्षेत्र में आज लगभग काम ठप रहा. वहीं प्रदर्शन को देखते हुए कई कंपनियों ने एहतियातन कर्मचारियों को छुट्टी दे दी, जबकि कुछ जगहों पर सीमित का काज हुआ. इससे उत्पादन पर भी असर पड़ा रहा है. स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए प्रशासन ने संवाद का रास्ता अपनाया है. करीब 70 कंपनियों के श्रमिकों को बातचीत के लिए बुलाया गया है ताकि उनकी बाकी मांगों पर चर्चा की जा सके.
सरकार का बड़ा फैसला न्यूनतम वेतन 3000 तक बढ़ाया
वही मजदूरों के विरोध के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है न्यूनतम वेतन में 3000 तक की बढ़ोतरी कर दी गई है जो 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दी गई है.यह फैसला मजदूरों की प्रमुख मांगों में शामिल था और इस आंदोलन को शांत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.अधिकारियों का कहना है कि इससे हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले पर स्थाई समाधान कर लिया जाएगा.
फेस 2 और अन्य इलाकों में हालात सामान्य
आज नोएडा के फेस टू इलाके में स्थिति सामान्य रही. सोमवार को सैकड़ो की संख्या में श्रमिक प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं, आज कंपनी के बाहर हालात सामान्य नजर आए. सड़कों पर ट्रैफिक चलता नजर आया और लोगों को राहत मिली. भंगेल एलिवेटेड रोड पर भी ट्रैफिक सामान्य रहा जिससे रोजाना आने जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. कल जहां शहर में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया था. वहीं, आज स्थिति बेहतर रही. हालांकि एतिहातन तौर पर कई जगहों पर अभी भी रूट डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित को रखा जा सके.
कुछ मजदूर फिर निकले लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते वापस लौटे
आज डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती के चलते भी शहर में पुलिस की सतर्कता बढ़ाई गई है संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक जानकारी यह भी सामने आई कि आज फिर कुछ मजदूर अपने घरों से प्रदर्शन के लिए निकलने की कोशिश कर रहे थे.लेकिन पुलिस की मुस्तेदी के चलते उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया गया. जहां भी भीड़ इकट्ठा हुई पुलिस ने तुरंत पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया व
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की अपील-अफवाह पर ध्यान न दें
नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने लोगों से अपील की है कि कोई भी श्रमिक किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान ना दे.उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों की मांगों को गंभीरता से लिया है. कई मांगों पर फैसले भी लिए गए हैं.बाकी मुद्दों पर भी बातचीत जारी है और जल्द ही समाधान निकाला जाएगा. कुल मिलाकर नोएडा में सोमवार के बवाल के बाद आज हालात नियंत्रित में है. भारी पुलिस तैनाती और प्रशासन की सक्रियता से स्थिति सामान्य बनी हुई है.
