जालौन: 100 रुपये के ‘सुविधा शुल्क’ पर बवाल! लेखपाल और अधिवक्ता भिड़े, तहसील में जमकर चले जूते

जालौन के कोंच तहसील में एक लेखपाल और अधिवक्ता के बीच जमकर विवाद हुआ. अधिवक्ता ने लेखपाल पर सुविधा शुल्क मांगने, मारपीट करने और रुपये निकालने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. वहीं, लेखपाल ने आरोपों को निराधार बताया है. पुलिस जांच कर रही है.

कोंच तहसील में लेखपाल-अधिवक्ता भिड़े: रिश्वत के आरोप Image Credit:

जालौन के कोंच तहसील परिसर में 61(ख) बनवाने को लेकर एक लेखपाल और अधिवक्ता के बीच विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि उनके बीच जमकर लात जूते चले. अधिवक्ता ने लेखपाल पर सुविधा शुल्क मांगने, गाली-गलौज करने, मारपीट करने और जेब से रुपये निकालने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को शिकायत पत्र दिया है.

अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद जाटव के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब पांच बजे वह लोहई क्षेत्र के लेखपाल कृष्णबिहारी के पास 61(ख) बनवाने के संबंध में गए थे. आरोप है कि लेखपाल ने इसके लिए उनसे 100 रुपये की मांग की. रुपये देने से इनकार करने पर लेखपाल ने संबंधित काश्तकार के आने पर ही 61(ख) बनाए जाने की बात कही.

गाली-गलौज, थप्पड़ मारा, जेब से पैसे भी निकाले

अधिवक्ता का आरोप है कि इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. लेखपाल ने उनके साथ गाली-गलौज की और छीना-झपटी करते हुए थप्पड़ मार दिया. यह भी आरोप है कि उनकी जेब से 500 रुपये निकाल लिए गए. विवाद की जानकारी मिलते ही मौके पर कई लेखपाल और अधिवक्ता पहुंच गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई.

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया. अधिवक्ता ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है. वहीं, लेखपाल ने अधिवक्ता के लगाए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है.

61(ख) की प्रक्रिया नियमानुसार की जाती है- लेखपाल

लेखपाल कृष्णबिहारी का कहना है कि 61(ख) की प्रक्रिया नियमानुसार की जाती है. संबंधित काश्तकार की मौजूदगी और आवश्यक अभिलेखों की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाती है. उन्होंने सुविधा शुल्क मांगने, गाली-गलौज करने, थप्पड़ मारने और जेब से रुपये निकालने के आरोपों से इनकार किया. हालांकि, उन्होंने मौके पर विवाद होने की पुष्टी की.

लेखपाल ने कहा कि मौके पर विवाद जरूर हुआ था, जिसके बाद अन्य लेखपाल और अधिवक्ता भी वहां पहुंच गए थे. वहीं, एसडीएम अभिनव कुमार सिंह ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में है. दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा. वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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