जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में बड़ा मोड़, 1 लाख के इनामी भोले राजभर ने किया सरेंडर
जौनपुर के चर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में एक लाख के इनामी आरोपी भोले राजभर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए राजभर का आत्मसमर्पण हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ. मृतक की बहन सौम्या बिंद लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं और कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन पर हैं.
जौनपुर के बहुचर्चित आजाद बिंद हत्याकांड में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी भोले राजभर ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. इस हत्याकांड में पुलिस की अबतक की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी है.
गौरतलब है कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़उर गांव निवासी आजाद बिंद की 1 मई को शादी थी. बारात खेतासराय क्षेत्र के बीबीपुर गांव जानी थी, लेकिन बारात पहुंचने से पहले ही कार में सवार दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में भोले राजभर, शोले राजभर, प्रदीप बिंद और रवि यादव के नाम सामने आए थे.
मुठभेड़ में आरोपी रवि यादव को किया था ढेर
आजाद बिंद हत्याकांड में मुकदमा दर्ज तो हुआ लेकिन हत्या के कई दिन बीतने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई. मृतक आजाद की बहन सौम्या बिंद लगातार न्याय की मांग करती रही. इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ काफी लोग जुड़ते गए. कई बार धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन फिर भी आरोपियों को जौनपुर पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी.
इसके बाद पीड़ित परिवार ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की. इसके कुछ घंटों के भीतर जौनपुर पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी रवि यादव को ढेर कर दिया. लेकिन मृतक की बहन ने इसे फर्जी बताते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार न करने पर सवाल खड़े करने लगी.
रवि के एनकाउंटर मृतक की बहन ने बताया फर्जी
रवि के एनकाउंटर के बाद मृतक आजाद बिंद की बहन सौम्या बिंद ने पुलिस की इस कार्रवाई को पक्षपात पूर्ण बताते हुए रवि की मां से माफी मांगी थी. सौम्या ने कहा था कि पुलिस केवल गरीबों का एनकाउंटर करती है. मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपियों को एनडीए के सहयोगी दलों के नेता ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद का संरक्षण है.
मृतक की बहन के लगातार धरना प्रदर्शन के बाद जौनपुर पुलिस ने एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार करते हुए उन्हें जेल भेज दिया. शोले राजभर की भी गिरफ्तारी हुई. लेकिन मुख्य आरोपी भोले राजभर, प्रदीप बिंद को पुलिस उन्हें ढूंढने में नाकाम रही. एक लाख का इनाम घोषित होने के बाद भी पुलिस भोले राजभर को गिरफ्तार नहीं कर पाई.
भोले राजभर की मां एनकाउंटर के डर से पहुंची थी कोर्ट
भोले राजभर की मां ने बेटे के एनकाउंटर के डर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने भोले राजभर को 60 दिनों का सरेंडर के लिए समय देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी. इसी आदेश के तहत भोले राजभर ने बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण किया. उसकी जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी और 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया.
उधर आजाद बिंद की हत्या के बाद बीते दो महीने से न्याय की मांग को लेकर बहन सौम्या बिंद संघर्ष कर रही है. एक पखवारे से वह कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठी है. इस न्याय की लड़ाई में सौम्या के साथ VIP पार्टी के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत निषाद समेत कई अन्य लोग भी हैं. हालांकि, इस हत्याकांड में एक लाख का इनामी प्रदीप बिंद अभी भी फरार है.