‘भगवान जानता है कि….’ कांवड़ियों के आगे झुके कोतवाल, किया इस्तीफे का ऐलान; जानें क्यों हुआ बवाल
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और कांवड़ियों के बीच बड़ा विवाद हुआ. पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कांवड़ियों ने सदर कोतवाल के इस्तीफे की मांग की और जलाभिषेक रोक दिया. बवाल बढ़ने पर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्वयं इस्तीफा देने की घोषणा की, जिसके बाद मामला शांत हुआ और जलाभिषेक दोबारा शुरू हो सका. एक सिपाही पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई.
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में भगवान शिव के जलाभिषेक के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ. यहां कांवड़ियों ने पुलिस पर दुव्यर्वहार का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया था. वह एसएचओ जितेंद्र प्रताप सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. बवाल बढ़ा तो खुद एसएचओ सामने आए. उन्होंने कहा कि ‘मैं समाज के सामने कहता हूं, भगवान मेरे गवाह हैं, अगर मैंने किसी कांवड़िए का अपमान किया है, तो भगवान ही न्याय करेंगे…’ यही कहते हुए उन्होंने अपने इस्तीफे का भी ऐलान कर दिया. इसके बाद मामला शांत हो गया.
दरअसल कन्नौज के अतिप्राचीन बाबा गौरीशंकर मंदिर में शुक्रवार को बड़ा बवाल हो गया. भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे कांवड़ियों ने पुलिस पर अभद्रता और पिटाई का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया. हरदोई समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री बाबा गौरीशंकर मंदिर पहुंचे थे. इसी दौरान पुलिसकर्मियों की पिटाई और अभद्रता के बाद कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते माहौल गरमा गया और कांवड़ियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया.
कांवड़ियों ने मांगा इस्तीफा
कांवड़ियों का आरोप था कि उनके साथ सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह व उनके साथी पुलिस कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया. विरोध इतना बढ़ा कि उन्होंने सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी. इसी के साथ जलाभिषेक रोक दिया. घंटों तक चले इस हंगामे से पुलिस-प्रशासन में भी हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अपर जिलाधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने खुद कांवड़ियों से बातचीत की और पुलिस की ओर से माफी मांगकर उनका गुस्सा शांत कराया.
कोतवाल ने किया इस्तीफे का ऐलान
उधर, सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी मामला शांत कराने के लिए इस्तीफे का ऐलान किया है. इसके बाद सभी कांवड़िए शांत हो गए और जलाभिषेक फिर से शुरू हो गया. इस मामले में एक सिपाही के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की बात सामने आई है. दरअसल, हंगामा तब शुरू हुआ जब पुलिस ने कांवड़ियों का DJ रोक दिया. इस बात को लेकर कांवड़ियों की पुलिस के साथ तीखी बहस हुई. इसके बाद कांवड़ियों ने जलाभिषेक करने से मना करते हुए हंगामा शुरू कर दिया.