टीचर ने नहाकर न आने पर डांटा तो 5वीं की बच्ची ने दी जान, घर में लटका मिला शव
कन्नौज में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां कक्षा 5 की छात्रा ने शिक्षिका की डांट पर आत्महत्या कर ली. स्कूल न नहाकर जाने पर मिली फटकार से बच्ची इतनी टूट गई कि घर आकर उसने फांसी लगा ली. इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश है, और शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग हो रही है.
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के सौरिख थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां कंपोजिट विद्यालय बेहटा रामपुर में कक्षा 5 की छात्रा निधि ने कथित रूप से अध्यापिका की डांट से आहत होकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है.
जानकारी के अनुसार, छात्रा सुबह स्कूल पहुंची थी, जहां अध्यापिका ने उसे नहाकर न आने पर कड़ी फटकार लगाई थी. बताया जा रहा है कि डांट से बच्ची काफी आहत हो गई और कुछ देर बाद वह घर लौट आई. घर पहुंचने के बाद उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. जब परिजनों ने बच्ची का शव घर में लटका देखा तो कोहराम मच गया.
इतनी छोटी बात पर ऐसा कदम कैसे उठा ली?
घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण बच्ची का शव लेकर विद्यालय परिसर पहुंच गए और वहां रखकर जमकर हंगामा किया. उन्होंने आरोपी अध्यापिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. सूचना मिलते ही सौरिख थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. थाना प्रभारी जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं. वहीं, इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. लोग का सवाल है कि आखिर 10 साल की बच्ची इतनी छोटी सी बात से इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकती है?
बच्चों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता बेहद जरूरी
परिजनों का आरोप है कि अध्यापिका ने बच्ची को बेहद अपमानजनक तरीके से डांटा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई. यह घटना समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा संदेश है कि बच्चों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता बेहद जरूरी है. छोटी-छोटी बातों पर कड़ी फटकार बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है.
