कन्नौज दर्जी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, पागल नहीं ‘साइको किलर’ निकला हत्यारा
कन्नौज में दर्जी की निर्मम हत्या ने सबको चौंका दिया है. आरोपी, जिसे लोग मानसिक रूप से अस्थिर समझते थे, दरअसल एक साइको किलर निकला है. वह पागलपन का नाटक कर लोगों को डराता था और पहले भी जेल जा चुका है. सीसीटीवी में हमले की बर्बरता कैद है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है.
कन्नौज के सदर कोतवाली क्षेत्र के सीखाना मोहल्ले में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद अब मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. जिस युवक को लोग मानसिक रूप से अस्थिर समझ रहे थे, स्थानीय लोगों का दावा है कि वह लंबे समय से इलाके में डर और दहशत का माहौल बनाए हुए था. सही मायने में उसको साइको किलर कहा जाना चाहिए.
जानकारी के मुताबिक, मोहल्ले के निवासी निजामुद्दीन, जो पेशे से दर्जी थे, हाल ही में जमीन खरीदने की खुशी में परिचितों के यहां मिठाई बांटने गए थे. इसी दौरान आरोपी वसीक ने पीछे से उन पर हमला कर दिया और गमछे से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी. घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी बेरहमी से हमला करता दिखाई दे रहा है.
सगे भाई की हत्या मामले में जा चुका है जेल
बताया जा रहा है कि सीखना मोहल्ला निवासी वसीक नाम का युवक अक्सर धारदार हथियार लेकर घूमता था और पागलपन की आड़ में लोगों को धमकाता रहता था. स्थानीय लोगों के अनुसार, वह सगे भाई की हत्या मामले में जेल जा चुका है. जेल से आने के बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला और वह पागलपन की आड़ में डराने-धमकाने का काम करता रहा.
स्थानियो ने बताया कि आरोपी कोई मानसिक विक्षिप्त नहीं, बल्कि एक शातिर दिमाग का अपराधी था जिसने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया. वीडियो में यह भी दिख रहा है कि आसपास मौजूद कुछ लोग बाहर निकले, लेकिन डर के कारण खुलकर विरोध नहीं कर सके. क्योंकि यह किसी भी घटना को पकड़े जाने से पहले अंजाम दे सकता है.
कारवाही हुई होती तो बच जाती मासूम की जान
वहीं, स्थानियो ने दबी जुबान में बताया कि अगर सही समय पर इसपर ठोस और कड़ी कारवाही हुई होती तो एक मासूम की जान बच जाती. अगर स्थानियो ने भी हिम्मत दिखाई होती और इसकी शिकायत की होती तो भी यह घटना न होती. फिलहाल पुलिस आरोपी वसीक की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहन जांच की जा रही है.