अखिलेश यादव की बेटी अदिति पर की थी अभद्र टिप्पणी, कानपुर में 3 के खिलाफ FIR दर्ज

अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर अभद्र टिप्पणी के मामले में कानपुर में 3 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. भ्रामक पोस्ट के प्रसार में इन तीनों की भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है और आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

अखिलेश की बेटी अदिति पर आपत्तिजनक पोस्ट Image Credit:

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री पर इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर अमर्यादित टिप्पणी करने और भ्रामक फोटो प्रसारित करने का एक गंभीर मामला सामने आया है. इसको लेकर कानपुर के साइबर क्राइम थाने में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता प्रवीण यादव ने इस पूरे प्रकरण को लेकर कानपुर के पुलिस आयुक्त (पुलिस कमिश्नर) रघुबीर लाल से मुलाकात की थी. उन्होंने पुलिस आयुक्त को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि इंटरनेट मीडिया पर सुनियोजित तरीके से पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने तत्काल साइबर सेल को जांच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए.

‘अखिलेश और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश’

​अधिवक्ता प्रवीण यादव ने शिकायत में स्पष्ट किया कि ‘भरत कुमार पटेल’ नामक व्यक्ति की सोशल मीडिया आईडी से एक अत्यंत आपत्तिजनक पोस्ट साझा की गई थी. इस पोस्ट में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के संबंध में पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और तथ्यहीन बातें लिखी गई थीं. इसके साथ ही, उनकी एक गलत और भ्रामक फोटो भी इंटरनेट पर प्रसारित (प्रचलित) की गई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस ओछे कृत्य का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके परिवार की सामाजिक व राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है.

इन तीन के खिलाफ FIR दर्ज

शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर सेल थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साइबर सेल अधिकारी के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह और विनोद कुमार यादव के खिलाफ आईटी एक्ट (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

भ्रामक पोस्ट के प्रसार में इन तीनों की भूमिका की जांच की जा रही है. सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्र और भ्रामक टिप्पणियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है और आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

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