कानपुर में प्रतिबंधित जीवों के अवशेष मिलने से हड़कंप, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 8 लोगों पर FIR

कानपुर में प्रतिबंधित जीवों के अवशेष मिलने से लोगों में भारी आक्रोश है. हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.इस मामले में पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है. इसके अलावा 4 पुलिस वालों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड भी कर दिया गया है.

कानपुर में मिला प्रतिबंधित जीवों के अवशेष

कानपुर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित जीवों (मुख्य रूप से गोवंश से संबंधित) के अवशेष मिलने की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है.सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भारी मात्रा में कटे हुए जीवों के अवशेष दिखाए गए, जिसके बाद स्थानीय हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया.

सूत्रों के अनुसार, संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. वीडियो वायरल होने के बाद ही पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार और एडीसीपी कपिल देव सिंह घटनास्थल पर पहुंचे. काफी प्रयासों के बाद हंगामे को शांत कराया गया तथा लोगों को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया.

4 पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड

पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की. लापरवाही बरतने के आरोप में बिल्हौर थाने के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज, चौकी इंचार्ज प्रेमवीर, हल्का इंचार्ज आफताब आलम और हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को निलंबित कर दिया गया है.

वशेष मिलने से लोगों में भारी आक्रोश

क्षेत्र में प्रतिबंधित जीवों के अवशेष मिलने से लोगों में भारी आक्रोश है. हिंदू संगठनों ने इसे गंभीर साजिश बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने अब प्रतिबंधित मांस की तस्करी में शामिल 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है. जांच अधिकारी बताते हैं कि अवशेषों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये अवशेष किस प्रकार के जीवों के हैं और तस्करी का नेटवर्क कितना विस्तृत है.

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित

मुख्य आरोपी रहमान कुरैशी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी. जिस स्थान पर खाल और हड्डियां मिलीं, उस कारखाने को भी सील कर दिया गया है. पुलिस के अनुसार, यह मामला गोहत्या निषेध अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है.जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.