ACP लाइन हाजिर, दरोगा सस्पेंड; कानपुर गैंगरेप कांड में बड़ा एक्शन… DCP पर पहले ही गिर चुकी है गाज

कानपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है. इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एसीपी पनकी शिखर को लाइन हाजिर और भीमसेन चौकी प्रभारी सस्पेंड किए गए हैं. वहीं डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी को भी हटाया गया है. इस मामले में एक दारोगा और एक यूट्यूबर मुख्य आरोपी हैं.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में खूब किरकिरी होने के बाद अब पुलिस एक्शन में है. पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने शुक्रवार को इस मामले में एसीपी पनकी शिखर को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि भीमसेन चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है. इससे पहले सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह और आरोपी दारोगा अमित मौर्या को सस्पेंड किया गया था. वहीं डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी को भी हटा दिया गया था.

मामला तूल पकड़ते देख पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने घटनास्थल और सचेंडी थाने का निरीक्षण किया था. मामला सचेंडी थाना क्षेत्र में सोमवार की देर शाम का है. पुलिस के मुताबिक सचेंडी थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी पिछले दिनों लापता हो गई थी. देर रात घर लौटने पर उसने बताया कि दो लोगों ने काले रंग की स्कार्पियो कार में जबरन बैठाकर अगवा किया और झांसी रेलवे लाइन के पास ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया. पीड़िता का भाई ने भीमसेन चौकी में शिकायत दी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे भगा दिया.

जांच में हुआ खुलासा

मंगलवार को पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत पहुंचने पर मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन सामूहिक दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं. मामला तूल पकड़ते देख पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी पश्चिम कपिलदेव से जांच कराई. इसमें यूट्यूबर चंद्रहंसपुर निवासी शिवबरन यादव और गोरखपुर निवासी दारोगा अमित मौर्या मुख्य आरोपी निकले. इसके बाद अमित मौर्या को सस्पेंड किया गया था. तीन दिन बाद शुक्रवार को पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए गए. बयान के बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और पुलिस सुरक्षा में घर छोड़ा गया.

पीड़िता को मिली सुरक्षा

इस मामले में पीड़िता को जान का खतरा होने की दशा में उसे दो गनर उपलब्ध कराए गए हैं. उधर, घटना के बाद से ही फरार दरोगा अमित मौर्या का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. इस मामले में एसीपी शिखर की इंटरनेट मीडिया पर सक्रियता भी जांच के दायरे में आई है. पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि घटना को गंभीरता से न लेने और लापरवाही बरतने पर उन्हें लाइन हाजिर किया गया है. वहीं भीमसेन चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है. इस मामले में सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.