फ्लाइट से आते थे डॉक्टर, 2.5 करोड़ में अफ्रीकी महिला का ट्रांसप्लांट, कानपुर किडनी गैंग का विदेशों तक फैला था जाल

कानपुर किडनी गैंग ने अपना जाल विदेशों तक फैला रखा था. पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि विदेशी मरीजों का भी अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट किया था.नए खुलासे के मुताबिक हाल ही में ढाई करोड़ रुपये में अरेबिका नाम की दक्षिण अफ्रीका की महिला का भी इस गैंग ने किडनी ट्रांसप्लांट किया था.

कानपुर किडनी गैंग ( प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit:

कानपुर में उजागर हुए किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट ने अब एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का रूप ले लिया है.गुरुवार को पुलिस ने किडनी कांड से जुड़े दो ओटी तकनीशियन को पकड़ा था.अब पूछताछ में पकड़े गए तकनीशियनों ने जो खुलासे किए हैं, उसने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है.इस रैकेट का मास्टरमाइंड नोएडा का डॉ. रोहित बताया जा रहा है, जिसने पूरे भारत और विदेशों तक अपना जाल बिछा रखा था.

फ्लाइट से आते-जाते थे डॉक्टर

​पुलिस की पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क इतना हाई-टेक था कि दिल्ली से यूरोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ डॉक्टर फ्लाइट से कानपुर आते थे. ट्रांसप्लांट के बाद वे उसी रात वापस लौट जाते थे. पकड़े गए तकनीशियनों ने स्वीकार किया कि उन्हें प्रत्येक केस के लिए 35 से 50 हजार रुपए तक दिए जाते थे. गिरोह का ऑपरेशन स्टाइल किसी ‘सीक्रेट मिशन’ जैसा था, जहाँ डोनर और रिसीवर को एक-दूसरे की जानकारी तक नहीं होती थी.

2.5 करोड़ में अफ्रीकी महिला का किडनी ट्रांसप्लांट

​जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा साउथ अफ्रीका की महिला ‘अरेबिका’ को लेकर हुआ है.इस महिला का भी किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था और इसके लिए बताया जा रहा है कि तकरीबन ढाई करोड़ रुपए लिए गए थे.डीसीपी कासिम आबिदी के अनुसार, इस गैंग ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि विदेशी मरीजों का भी अवैध रूप से ट्रांसप्लांट किया था.गिरोह ने दिल्ली, नोएडा, मेरठ, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और मुंबई जैसे राज्यों में अस्पतालों का एक मजबूत पैनल बना रखा था.

गोपनीय तरीके से चलता था ऑपरेशन

​अभी तक कि जानकारी के अनुसार नोएडा का डॉ. रोहित हर शहर में अपने खास एजेंटों के जरिए काम करता था.कानपुर और आसपास के जिलों की जिम्मेदारी शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काड़ा संभालता था.शहर के छह बड़े अस्पताल डॉ. रोहित के इस अवैध पैनल का हिस्सा थे.पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से चलाया जाता था. डोनर और रिसीवर का नाम गुप्त रखा जाता था और डील फाइनल होने के बाद ही डॉक्टरों की टीम को लोकेशन बताई जाती थी.

कई रसूखदार नामों पर शिकंजा कस सकता है

पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक की पूछताछ में जो ​अहम बिंदु निकल कर आए है उसके अनुसार इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नोएडा का रहने वाला डॉ. रोहित (नोएडा) है जबकि ​कानपुर का सरगना शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काड़ा है. इस गैंग का नेटवर्क यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, मुंबई और दक्षिण अफ्रीका तक फैला हुआ है. इनके ​मोडस ऑपेरंडी में सबसे खास था कि डॉक्टरों का फ्लाइट से आवागमन और अस्पतालों का गुप्त पैनल.​ कानपुर पुलिस अब उन अस्पतालों और डॉक्टरों की सूची तैयार कर रही है जो इस सिंडिकेट का हिस्सा थे. जल्द ही कई रसूखदार नामों पर शिकंजा कस सकता है.

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