UPI पेमेंट के चलते पकड़े गए आरोपी…किडनी ट्रांसप्लांट के पैसों से दमन-दीव ट्रिप का कर रहे थे प्लान
पुलिस ने कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट केस में एक और बड़ा खुलासा किया है. भागने के लिए इस्तेमाल की गई में से एक कार अर्टिगा थी इस कार से तीन लोग गाजियाबाद के लिए रवाना हुए थे. पुलिस ने जब कार चालक से संपर्क किया, तो उसने बताया कि तीनों यात्रियों ने मास्क पहन रखे थे. चालक ने खुलासा किया कि यात्रा का किराया यूपीआई (UPI) के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था. इसी ट्रांजेक्शन ने पुलिस को मुख्य सुराग दिया.
कानपुर में अवैध रूप से संचालित किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने में पुलिस को गुरुवार को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब दो ओटी तकनीशियन को पुलिस ने गिरफ्तार किया. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरे खेल को बेहद शातिराना ढंग से अंजाम दिया गया था, लेकिन ऑनलाइन पेमेंट और सीसीटीवी फुटेज ने आरोपियों के बच निकलने के सारे रास्ते बंद कर दिए.
फ्लाइट से बुलाई गई थी विशेष टीम
पुलिस जांच में सामने आया है कि किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम विशेष रूप से फ्लाइट से बुलाई गई थी. एयरपोर्ट से यह टीम दो अलग-अलग कारों में सवार होकर बर्रा स्थित आहूजा अस्पताल पहुंची थी. पहली कार में पांच और दूसरी कार में तीन लोग सवार थे. ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रात लगभग दो बजे गिरोह के सदस्य वहां से निकले.
यूपीआई ट्रांजेक्शन ने दिया बड़ा सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, जिससे भागने के लिए इस्तेमाल की गई कारों की पहचान हुई. पहली अर्टिगा कार थी इस कार से तीन लोग गाजियाबाद के लिए रवाना हुए थे. पुलिस ने जब कार चालक से संपर्क किया, तो उसने बताया कि तीनों यात्रियों ने मास्क पहन रखे थे. चालक ने खुलासा किया कि यात्रा का किराया यूपीआई (UPI) के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था. इसी ट्रांजेक्शन ने पुलिस को मुख्य सुराग दिया.
खाते और मोबाइल नंबर को ट्रेस किया
पुलिस ने खाते और मोबाइल नंबर को ट्रेस करते हुए कुलदीप और राजेश को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों में कुलदीप गाजियाबाद के शांति गोपाल हॉस्पिटल में और राजेश नोएडा के सर्वोदय हॉस्पिटल में ओटी इंचार्ज के पद पर तैनात है. वहीं, दूसरी ‘किआ’ कार में सवार पांच लोगों को रेलबाजार निवासी चालक अजय यादव लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे तक छोड़ने गया था.
दमन दीव की ट्रिप पर जाने की चर्चा कर रहे थे आरोपी
पूछताछ में अजय ने बताया कि कार में बैठे लोग आपस में दमन दीव की ट्रिप पर जाने की योजना पर चर्चा कर रहे थे. पुलिस जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि आरोपियों ने भागने के लिए पहले से ही फ्लाइट की बुकिंग करा रखी थी. डीसीपी कासिम आब्दी के अनुसार इस गिरोह के तार काफी गहरे जुड़े हैं. लखनऊ से आए पांच अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
