उस रात होने वाले थे दो किडनी ट्रांसप्लांट… फिर एक ही ऑपरेशन के बाद क्यों भाग खड़े हुए डॉक्टर

कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान पता चला है कि उस रात को एक और किडनी ट्रांसप्लांट होना था. हालांकि, गिरोह के सदस्यों को शक हो गया कि आयुष ने पुलिस को किडनी ट्रांसप्लांटेशन की जानकारी दे दी है. ऐसे में बिना दूसरा ऑपरेशन किए ही सभी डॉक्टर और स्टॉफ मौके से भाग खड़े हुए थे.

कानपुर किडनी कांड

कानपुर के सनसनीखेज किडनी कांड में रोज नए खुलासे हो रहे है. पुलिस सूत्रों की माने तो घटना वाली रात को एक नहीं बल्कि दो किडनी ट्रांसप्लांट होने थे.किसी वजह से गैंग के डॉक्टर्स और अन्य लोगों को यह एहसास हो गया कि पुलिस तक बात पहुंच गई है तो वो लोग फरार हो गए.

10 लाख रुपये में खरीदा किडनी 60 लाख में बेचा

कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के संगठित रैकेट का पर्दाफाश हुआ था.आहूजा हॉस्पिटल में पारुल तोमर (मरीज) का अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था.डोनर आयुष को मात्र 9.5 से 10 लाख रुपये में किडनी देने का लालच देकर फंसाया गया, जबकि मरीज के परिजनों से 60 लाख रुपये तक वसूले गए. पूरे रैकेट में किडनी खरीद-बिक्री का मुनाफा 50 लाख रुपये प्रति ऑपरेशन तक बताया जा रहा है.पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह ने अब तक 40 से 50 ऐसे अवैध ट्रांसप्लांट कराए हैं, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं.

इन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है

मामला तब सामने आया जब आयुष को भुगतान में धोखाधड़ी का शिकार होने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.इसके बाद कल्यानपुर-रावतपुर क्षेत्र के आहूजा हॉस्पिटल, मेड लाइफ हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल पर छापेमारी की गई.छापे के दौरान डॉक्टर दंपति डॉ. प्रीति आहूजा (आईएमए की उपाध्यक्ष) और उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा समेत अन्य आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है.

उस रात होने थे दो ऑपरेशन

इस मामले में पुलिस ने गुरुवार यानी 02 अप्रैल को दो ओटी तकनीशियन को भी गिरफ्तार किया जो एनसीआर के अस्पतालों में काम करते थे.पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान पता चला है कि उस रात को एक और किडनी ट्रांसप्लांट होना था.किसी तरह से गिरोह के सदस्यों को शक हो गया कि आयुष ने पुलिस में जानकारी दे दी है तो उसके बाद बिना दूसरा ट्रांसप्लांट किए सभी डॉक्टर और अन्य लोग मौके से भाग खड़े हुए.अब पुलिस इस बात का पता करने की कोशिश कर रही है कि दूसरे किडनी ट्रांसप्लांट की बात में कितनी सच्चाई है और अगर बात सही है तो उसके डोनर और रिसीवर कौन थे.

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