झोपड़ी बनी चिता! कासगंज में साधु की जिंदा जलकर मौत; हत्या की आशंका से बवाल
कासगंज में 55 वर्षीय साधु बाबा की झोपड़ी में जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोगों और साधु-संतों ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है.
कासगंज जिले में एक 55 वर्षीय साधु की झोपड़ी में आग लगने से दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोगों और साधु-संतों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही हादसा और सुनियोजित साजिश जैसे एंगल से हर पहलू की जांच में जुटी है.
यह घटना सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के कादरगंज पुल के पास की है. मृतक साधु की पहचान राय सिंह उर्फ भगवान गिरी बाबा वहके रूप में हुई है. वह पिछले चार महीने से झोपड़ी बनाकर रह रहे थे. सोमवार देर रात उनकी झोपड़ी में अचानक आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि बाबा बाहर नहीं निकल सके और उनकी आग में दर्दनाक मौत हो गई.
‘पहले मारपीट, फिर झोपड़ी में आग लगाकर हत्या’
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. घटना के बाद साधु-संतों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है. उनका आरोप है कि पहले बाबा के साथ मारपीट की गई और उसके बाद झोपड़ी में आग लगाकर हत्या कर दी गई.
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा और यह स्पष्ट होगा कि यह हादसा था या किसी साजिश का हिस्सा.
स्थानीय लोगों और संत समाज में भारी आक्रोश
पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच पर टिकी है. फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखते हुए गहन जांच जारी है. वहीं, दूसरी और स्थानीय लोगों और संत समाज में इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है.