थाने में वसूली कांड! DGP की सख्ती पर बड़ा एक्शन, फरार हो गए दरोगा-कोतवाल; जानें क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के कासगंज में पुलिसकर्मियों द्वारा एक सर्राफा कारोबारी से 3 लाख की अवैध वसूली का मामला सामने आया है. डीजीपी की सख्ती के बाद इस मामले में आरोपी दरोगा, एसओजी व सर्विलांस प्रभारी फरार हो गए हैं. पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी है. यह घटना से यूपी पुलिस का असली चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है.
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने कासगंज में वसूली करने वाले थानेदार की मुश्कें टाइट कर दी हैं. मुकदमे में थानेदार, एसओजी प्रभारी और सर्विलांस प्रभारी का नाम शामिल होते ही ये तीनों पुलिस अफसर फरार हो गए हैं. डीजीपी के निर्देश पर पुलिस अब इन तीनों अफसरों की तलाश में जुट गई है. इन अफसरों ने पिछले साल एक सर्राफा कारोबारी को हिरासत में लेकर करीब 3 लाख की वसूली की थी.
इस मामले में उसी समय 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था, वहीं दो सिपाहियों को जेल भेजा गया था. मामला कासगंज के पटियाली थाना क्षेत्र में 20 जुलाई 2025 का है. यहां सहावर निवासी सर्राफा कारोबारी अजय कुमार वर्मा को पुलिस ने 20 जुलाई को दुकान में से उठाया था. आरोप है कि लॉकअप में डालकर पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया.फिर उनसे 50 हजार रुपये नगद और सोना-चांदी के ढेर सारे आभूषण ले लिए गए.
4 पुलिसकर्मियों का हुआ था सस्पेंशन
थाने से रिहाई के बाद पीड़ित ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को शिकायत दी. इस शिकायत पर संज्ञान लेकर एसपी अंकिता शर्मा ने मामले की जांच कराई और इस जांच रिपोर्ट के आधार पर पटियाली थाने में सिपाही सोवरन सिंह, पवन कुमार, भाजपा नेता डॉ. भूदेव सिंह राजपूत और अज्ञात कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. उस समय मुकदमे में थाना प्रभारी, SOG प्रभारी और सर्विलांस प्रभारी के नाम शामिल नहीं था. ऐसे में पीड़ित ने डीजीपी से न्याय की गुहार लगाई, इसके बाद मुकदमे में इनके नाम भी शामिल हो सके थे.
मामले में ये हुआ एक्शन
मामले की जांच में आरोप सही पाए गए. इसके बाद एसपी कासगंज ने चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था, वहीं दो सिपाहियों को अरेस्ट कर जेल भेजा गया था. बाद में आरोपी इंस्पेक्टर और दारोगा ना केवल बहाल हो गए, बल्कि उनकी तैनाती भी इसी जिले में हो गई. खबर मिलते ही पीड़ित परिवार फिर दहशत में आ गया और डीजीपी से दोबारा मिलकर गुहार लगाई. इसके बाद से ये तीनों अफसर फरार हो गए हैं.
नौ दिन पहले ही इंस्पेक्टर को मिला था चार्ज
आरोपी इंस्पेक्टर को अभी नौ दिन पहले पटियाली थाने का चार्ज मिला था. आरोप है कि चार्ज मिलते ही इंस्पेक्टर ने पीड़ित परिवार पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव भी बनाने लगा था. लेकिन डीजीपी की सख्ती के बाद अब आरोपी थाना छोड़ कर फरार हो गए है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी गई है.