कुशीनगर मेले में झूला टूटने से बड़ा हादसा, एक दर्जन घायल, चार की हालत गंभीर
कुशीनगर में मेले का झूला अचानक टूटने से करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर है. इस घटना ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने झूला बंद कर जांच शुरू कर दी है. घायलों बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है.
कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र स्थित भैंसहां दुर्गा मंदिर परिसर में लगे मेले में शुक्रवार की देर रात को बड़ा हादसा हो गया. मेले में लगा झूला अचानक टूट जाने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सभी घायलों को कोटवा अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया है.
भैंसहां दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. शाम के समय मेले में भीड़ अधिक थी और लोग झूलों का आनंद ले रहे थे. देर रात घटना होने से बहुत सारे लोग अपने अपने घरों को वापस चले गए थे . इसलिए बड़ी घटना होने से बच गया. यह मेला पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार और नेपाल में भी काफी लोकप्रिय है.
3-4 बार घूमने पर ही आवाज करने लगा था झूला
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, मेले में झूला 3-4 बार घूमने के बाद ही आवाज करने लगा था. उन्होंने लापरवाही का भी आरोप लगाया कि झूला ऑपरेटर को चेतावनी दी गई थी, लेकिन नजरअंदाज कर दिया गया. इस बीच झूला टूटते ही उसमें बैठे लोग नीचे गिर पड़े और बहुत सारे लोग उसके लोहे से दब गए जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई.
हादसे के बाद मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग इधर-उधर भागने लगे. स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया. घटना होते ही स्थानीय दुकानदारों और मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और झूले के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, झूला संचालकों से पूछताछ
हादसे में घायल करीब 12 लोगों को तत्काल कोटवा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने चार गंभीर रूप से घायल लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. अन्य घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है. हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि झूले की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया गया था. मेले में भारी भीड़ के बावजूद पर्याप्त निगरानी नहीं थी. वहीं, पुलिस ने तत्काल झूले का संचालन बंद करा दिया है और मेले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. झूला संचालकों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है.
चार घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
दुर्गा मंदिर मेले में झूला टूटने से बड़ा हादसा, एक दर्जन लोग घायल, चार की हालत गंभीर
खड्डा थाना क्षेत्र स्थित भैंसहां दुर्गा मंदिर परिसर में लगे मेले में शुक्रवार की देर रात को बड़ा हादसा हो गया. मेले में लगा झूला अचानक टूट जाने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सभी घायलों को कोटवा अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया . चार घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
हो सकती थी बड़ी जनहानि
भैंसहां दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. शाम के समय मेले में भीड़ अधिक थी और लोग झूलों का आनंद ले रहे थे. देर रात घटना होने से बहुत सारे लोग अपने अपने घरों को वापस चले गए थे . इसलिए बड़ी घटना होने से बच गया.
झूला टूटते ही उसमें बैठे लोग नीचे गिर पड़े और बहुत सारे लोग उसके लोहे से दब गए जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई. हादसे के बाद मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग इधर-उधर भागने लगे.
स्थानीय लोगों ने शुरू किया राहत कार्य
घटना होते ही स्थानीय दुकानदारों और मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और झूले के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया.
चार गंभीर घायल जिला अस्पताल भेजे गए
हादसे में घायल करीब 12 लोगों को तत्काल कोटवा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने चार गंभीर रूप से घायल लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. अन्य घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद मेले में लगे झूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि झूले की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया गया था. मेले में भारी भीड़ के बावजूद पर्याप्त निगरानी नहीं थी.
पुलिस ने झूला बंद करा शुरू की जांच
पुलिस ने तत्काल झूले का संचालन बंद करा दिया है और मेले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झूला संचालकों से पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी