शाम ढलते महिला को गन्ने के खेत में खींच ले गया नरभक्षी, सुबह इस हाल में मिला शव; लखीमपुर में बाघिन की दहशत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक नरभक्षी बाघिन ने महिला पर हमला कर उसे मार डाला. दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन के पास हुई इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है. महिला का शव गन्ने के खेत में अधखाया मिला. ग्रामीणों में वन विभाग की लापरवाही को लेकर गुस्सा है, और वे मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के लोगों में नरभक्षी बाघिन की दहशत है. यहां एक महिला को नरभक्षी बाघिन शाम ढलते ही उठा ले गई. अगले दिन महिला का शव गन्ने के खेत में अधखायी हालत में मिला है. घटना जिले में दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन स्थित निघासन वन रेंज में शनिवार की शाम का है. पूरी रात चली कांबिंग के बाद आज रविवार की सुबह महिला का शव मिला है. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है. वहीं वन विभाग की टीमें पगमार्क के जरिए बाघिन का पीछा कर रही हैं.

ग्रामीणों के मुताबिक नरभक्षी बाघिन अकेले नहीं था, बल्कि उसके साथ दो शावक भी थे. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शिकार की तलाश में यह बाघिन अपने शावकों के साथ टेरीटोरी पाकर आबादी क्षेत्र में आई होगी और थाना तिकुनियां क्षेत्र के महाराज नगर गांव में महिला का शिकार किया होगा. अधिकारियों के मुताबिक मृत महिला की पहचान 35 वर्षीय ऊषा देवी के रूप में हुई है. वह अपनी पड़ोसी 32 वर्षीय गूंधगूंनी देवी के साथ शनिवार की शाम को जंगल से सटे एरिया में चारा काट रही थी.

12 घंटे बाद मिला शव

गूंधगूनी ने पूछताछ में बताया कि अचानक बाघिन ने ऊषा पर हमला किया और गर्दन दबोचकर गन्ने के खेत में खींच ले गई. यह देखकर वह बदहवास हालत में भागी और शोर मचाया. इसके बाद आसपास के लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करते हुए महिला की तलाश शुरू की. इस सूचना पर पहुंचे वन विभाग के रेंजर भूपेंद्र सिंह और उनकी टीम ने कांबिंग शुरू की. इसी दौरान आज सुबह उस खेत में ही महिला का अधखाया शव बरामद हुआ.

लोगों में मचा हड़कंप

इस घटना की खबर मिलने के बाद महाराज नगर गांव ही नहीं, आसपास के कई गांवों में दहशत फैल गई है. लोगों ने इस घटना को वन विभाग की लापरवाही करार दिया. कहा कि जंगली जीवों की ट्रैकिंग में लापरवाही की वजह से पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. गांव वालों ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.