सिर्फ देना होगा ₹4 हजार रुपये… LPG किल्लत के बीच घर पर ऐसे लगवाएं बायोगैस यूनिट

देशभर की तरह उत्तर प्रदेश में भी एलपीजी गैस का संकट दिखाई दे रहा है. ऐसे में आप खाना पकाने के लिए बायोगैस के विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं. बायोगैस यूनिट इंस्टॉलेशन के लिए यूपी सरकार की तरफ से अच्छी-खासी सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाती है.

बायोगैस यूनिट Image Credit:

यूपी समेत देशभर में एलपीजी गैस की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं. गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं. उधर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के वितरण पर रोक के चलते होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं. ऐसे में अब लोग खाना पकाने के लिए अन्य विकल्पों की तलाश करने लगे हैं. लोगों की जेहन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या खुद घर पर गैस बनाकर खाना पकाया जा सकता है, तो इसका जवाब है हां. आइए जानते हैं कैसे.

अपने घर पर इंस्टॉल करा सकते हैं बायोगैस यूनिट

आप अपने घर पर बायोगैस प्लांट को इंस्टॉल कर सकते हैं. इसे तैयार करने में ज्यादा खर्च की भी जरूरत नहीं है. उत्तर प्रदेश सरकार तो बायोगैस यूनिट लगाने के लिए ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत ग्रामीणों को सब्सिडी भी देती है. इसे आप गोबर और गीले कचरे का इस्तेमाल कर तैयार कर सकते हैं. बायोगैस एलपीजी के मुकाबले काफी किफायती भी मानी जाती है.

सरकार से मिलती है 35, 310 रुपये की सब्सिडी

यूपी सरकार ने प्रत्येक बायोगैस संयत्र की लागत 39300 रुपये रखी है. सरकार की तरफ इसपर तकरीबन 90 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है.अपने घर पर बायोगैस लगाने के लिए किसानों को सिर्फ 3990 रुपए ही अंशदान देना होता है. बाकी 35, 310 रुपये की सब्सिडी सरकार की सहायता और कार्बन क्रेडिट मॉडल के तहत उपलब्ध कराई जाती है.

यहां करना होगा अप्लाई

अगर आप अपने घर पर बायोगैस यूनिट इंस्टॉल कराना चाहते हैं तो सबसे पहले यूपी नेडा(https://www.upneda.in/bio/) की वेबसाइट पर जाएं. यहां होम पेज पर रजिस्ट्रेशन संबंधी विकल्प मिलेगा. उसपर क्लिक करते ही आप यूपी निवेश मित्र के लॉगिन पोर्टल पर चले जाएंगे. यहां खुद को रजिस्टर और लॉगिन करने के बाद आपके सामने विभिन्न योजनाओं में लॉगिन करने का ऑप्शन आएगा.

यहां आपको बायोगैस यूनिट इंस्टॉलेनशन के ऑप्शन को क्लिक करना होगा. यहां एक फॉर्म खुलकर आएगा. फिर इस फॉर्म में मांगी गई सारी जानकारियां भरनी होगी. दस्तावेज अपलोड करने होंगे. फिर सब्मिट पर क्लिक करना. इतना करते ही आपका आवेदन हो जाएगा. इसके बाद सरकार की तरफ से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर आपके खाते में बाॉयो गैस यूनिट की सब्सिडी राशि खाते में भेज दी जाएगी.

गैस उत्पादन के साथ खेतों के लिए खाद की भी व्यवस्था

घरेलू बायोगैस यूनिट की मदद से किसान ना सिर्फ खाना बनाने के लिए गैस उत्पादित कर सकता है. बल्कि उससे निकलने वाली स्लरी खेतों के लिए प्राकृतिक खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आपके घर में 4 से 5 गाय हैं तो आप हर महीने दो सिलेंडर के बराबर बायोगैस पास सकते हैं.

रोजाना खाना पकाने के लिए इतने बायोगैस की जरूरत पड़ती है

एक अनुमान के मुताबिक अगर आपके परिवार में 4 सदस्य है तो दो वक्त का खाना पकाने के लिए तकरीबन 1 से 2 घन मीटर बायोगैस (1000-2000 लीटर) की जरूरत होगी. इसके लिए रोजाना लगभग 25-30 किलोग्राम गोबर और बराबर मात्रा में पानी के मिश्रण की जरूरत पड़ेगी.

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