लखनऊ में आज प्रोटेस्ट ही प्रोटेस्ट: मंत्री के घर रेंगते हुए पहुंचे अभ्यर्थी, वकीलों का भी हड़ताल
लखनऊ में आज प्रोटेस्ट ही प्रोटेस्ट चल रहा है. 69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान वह रेंगते हुए उनके आवास तक पहुंचे. वहीं दूसरी तरफ वकीलों ने नगर निगम और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते हुए हड़ताल कर दिया है.
लखनऊ में आज धरना प्रदर्शन का दिन है. एक ओर जहां 69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ स्वास्थ्य भवन चौराहे पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन चल रहा है. यह प्रदर्शन नगर निगम की कार्रवाई और पुलिस द्वारा अधिवक्तताओ पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किया जा रहा है.
रेंगते हुए शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचे अभ्यर्थी
69000 शिक्षक भर्ती मामले के अभ्यर्थियों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया. अभ्यर्थी दंडवत कर रेंगते हुए मंत्री के आवास पहुंचे. सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में पहल न करने का भी आरोप लगाया. अभ्यर्थियों ने कहा कि 30 से ज्यादा तारीखों से मामला लटका हुआ है. सरकार इस मामले में ठीक से पैरवी नहीं कर रही है. अभ्यर्थियों ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट पक्ष रखने की मांग की. बता दें कि 19 मई सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपंकर दत्ता व जॉर्ज मशीह की बेंच में इस मामले की सुनवाई होनी है.
शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों को मुलाकात के लिए बुलाया
शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने अपने आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को मुलाकात के लिए बुलाया है. मुलाकात के लिए जा रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि यह कोई पहली मुलाकात नहीं है. इससे पहले भी कई बार मुलाकात हो चुकी है. सरकार और मंत्री की तरफ से सिर्फ मीठी गोली दी जाती है. इस बार भी ऐसा ही होने जा रहा है.
अधिवक्ताओं ने भी काटा बवाल
उधर लखनऊ में कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट के बाहर बने कक्षों पर नगर निगम द्वारा ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया था. इस दौरान उग्र हो रहे वकीलों को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. अब इस मामले में स्वास्थ्य भवन चौराहे पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता प्रदर्शन करने पहुंचे हैं. वकीलों ने डीएम ऑफिस बंद करवा दिया है. साथ ही सेंट्रल बार ने 3 दिन काम-काज बंद करने का भी आदेश दिया है. अधिवक्ताओं की तरफ से पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं.