लखनऊ एयरपोर्ट पर सिर्फ 10 रुपये में मिलेगा चाय-नाश्ता, उड़ान यात्री कैफे हुआ शुरू
लखनऊ एयरपोर्ट पर अब हवाई यात्रियों को मात्र 10 रुपये में चाय-नाश्ता मिलेगा. एयरपोर्ट पर 'उड़ान यात्री कैफे' का उद्घाटन किया गया है. यह पहल यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी. सरकारी अनुमान के मुताबिक लखनऊ एयरपोर्ट पर रोजाना 18 से 20 हजार यात्री आते-जाते हैं.
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब चाय-पानी से लेकर नाश्ता तक महज 10 रुपये में उपलब्ध होगा. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने रविवार को टर्मिनल-3 के चेक-इन हॉल के ठीक सामने उड़ान यात्री कैफे का भव्य उद्घाटन किया. यह कैफे पूरी तरह केंद्र सरकार की “उड़ान योजना” के तहत शुरू किया गया है.
केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने उद्घाटन के दौरान कहा कि उड़ान यात्री कैफे सिर्फ एक कैफेटेरिया नहीं, बल्कि आम नागरिकों के हवाई यात्रा को सुलभ और सस्ता बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. इसका मकसद एयरपोर्टों पर महंगे खान-पान की पुरानी शिकायतों को दूर करना है. यह पहल यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.
उड़ान योजना से आम यात्री को कितनी राहत?
सरकारी अनुमान के मुताबिक, लखनऊ एयरपोर्ट पर रोजाना 18 से 20 हजार यात्री आते-जाते हैं. अब इन सभी यात्रियों को पानी, चाय, नाश्ता और स्नैक्स बेहद सस्ते दामों पर मिल सकेंगे. कैफे में खाने-पीने की गुणवत्ता का भी खास ध्यान रखा जाएगा, ताकि यात्री स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के मामले में संतुष्ट रहें. यात्रियों की हवाई यात्रा और अधिक किफायती होगी.
लखनऊ एयरपोर्ट योजना का पहला बड़ा लाभार्थी
एयरपोर्टों पर खाने-पीने के सामान की ऊंची कीमतों को लेकर यात्रियों की लगातार शिकायतें आ रही थीं. ‘उड़ान योजना’ के तहत सरकार ने यह फैसला लिया कि छोटे-बड़े सभी एयरपोर्टों पर यात्री सस्ते और गुणवत्तापूर्ण अल्पाहार पा सकें. लखनऊ एयरपोर्ट इस योजना का पहला बड़ा लाभार्थी बन गया है. यात्री एयरपोर्ट पर आराम से सस्ता और ताजा नाश्ता कर सकेंगे.
अदानी कंपनी एयरपोर्ट का संचालन संभाल रही
लखनऊ का चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है. यह कंपनी अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है. 2 नवंबर 2020 से कंपनी एयरपोर्ट का संचालन संभाल रही है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया AAI के साथ 50 वर्ष का दीर्घकालिक समझौता किया गया है.